संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कोरोना की दूसरी लहर के बाद से पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के बंद चल रही बस सेवा जुलाई से बहाल हो सकती है। फिलहाल पड़ोसी राज्य के बॉर्डर तक बसें चल रही हैं। बॉर्डर से यात्रियों को संबंधित राज्य की बस सेवा लेनी पड़ रही है।
लॉकडाउन से पहले उत्तर प्रदेश जिला सहारनपुर के लिए हर दिन 12 बसें चलती थीं। वहीं उत्तरप्रदेश से भी इतनी ही बसें यमुनानगर आती थी। सहारनपुर-अंबाला व चंडीगढ़-सहारनपुर के बसों के एक दर्जन से अधिक फेरे थे। अब यहां से एक भी बस उत्तर प्रदेश नहीं जा रही है। केवल बॉर्डर तक बसें यात्रियों को छोड़कर लौट रही हैं। ऐसे में लोगों को यूपी रोडवेज या फिर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
उत्तरप्रदेश के सहारनपुर के लिए प्रतिदिन सैकड़ों सवारी हैं। सबसे छोटे और व्यस्त इस रूट से विभाग को अच्छी आमदनी थी। अभी यात्री सहारनपुर की बस लेने के लिए बस स्टैंड पर आते हैं। ऐसे में विभाग यात्रियों की सुविधा के लिए हरियाणा उत्तरप्रदेश के कलानौर बार्डर तक सेवा दे रही है। यहां से यात्री पैदल उत्तरप्रदेश में दाखिल होते हैं। बार्डर पार से निजी और यूपी रोडवेज की बस लेते हैं।
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डीआई माया राम ने बताया कि पहले सहारनपुर के लिए हर आधे घंटे में एक बस थी। कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए यूपी रोडवेज ने पत्र भेज कर सभी प्रकार की बस सेवा आगामी आदेशों तक बंद करने के लिए कहा था। इसके बाद यूपी रोडवेज की बस भी यहां नहीं आई। दोनों राज्यों की बसें बार्डर तक जाती है। यमुननानगर रोडवेज की कलानौर बार्डर से अंबाला भी चलाई जा रही है। अब यूपी के रोडवेज अधिकारियों से पत्र व्यवहार किया जा रहा है। उत्तरप्रदेश से अनुमित आने के बाद सहारनपुर सहित अन्य जिलों के लिए बस भेजी जाएगी। उम्मीद है कि जुलाई से यूपी की बस सेवा बहाल हो जाएगी।