तंग गलियों में अंडरपास के रास्ते बढ़ाएंगे लोगों की मुश्किलें
- गांधीनगर रेल फाटक पर रोड क्रॉसिंग बंद करने से पहले बन रहा अंडरपास
लोग बोले- एक ओर वीनानगर व दूसरी ओर चांदपुर की गली में जोड़े अंडरपास के रास्ते
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- अक्तूबर-2021 से चल रहा काम अंतिम चरण में पहुंचा तो डिजाइन देख उखड़े लोग
- मेयर से की शिकायत- तंग गलियों में अंडरपास के रास्ते बढ़ाएंगे ट्रैफिक जाम व हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गांधीनगर रेल फाटक पर रोड क्रॉसिंग बंद करने से पहले पास में अंडरपास निर्माणाधीन है, जिसका काम अंतिम चरण में है, तब इसके डिजाइन पर रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ की कॉलोनियों के लोग विरोध में उतर आए हैं। क्योंकि एक ओर वीनानगर तो दूसरी ओर चांदपुर की गली से अंडरपास के रास्ते जोड़े जा रहे हैं, जिससे निवासियों को यहां ट्रैफिक जाम व सड़क हादसे बढ़ने की आशंका है। स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों ने मामला मेयर मदन चौहान तक पहुंचाया। तब यहां पहुंचे मेयर ने भी माना कि गलियों में निकाले अंडरपास के रास्ते एक्सीडेंटल प्वाइंट होंगे, इसलिए रेलवे अफसरों को अंडरपास के रास्ते गली में न मोड़ने व सौ मीटर आगे चौड़े मार्ग तक बढ़ाने की बात कही।
इसलिए बंद हो रही रेल फाटकों पर रोड क्रॉसिंग
इस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट में मालगाड़ियों के अलग रेलवे ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है। साथ ही सभी रेल फाटकों पर रोड क्रॉसिंग बंद की जा रही है। इसके विकल्प में अंडरपास या ओवरब्रिज का विकल्प दिए जा रहे हैं। जिले में फर्कपुर फाटक बंद कर जगाधरी वर्कशॉप रेलवे स्टेशन से आगे अंडरपास बन चुका है। जमनागली व गांधीनगर रेल फाटक के विकल्प में अंडरपास और पुराना रादौर रोड फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माणाधीन है।
गलियों में निकले अंडरपास के रास्ते तो करोड़ों खर्च के बाद भी बढ़ाएंगे जाम व हादसे
भाजपा से वर्कशॉप मंडल अध्यक्ष एवं स्थानीय निवासी नीरज गुप्ता ने कहा कि गांधीनगर फाटक ट्रेनों की क्रॉसिंग के समय बंद रहता है और दोंनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इससे सुबह-शाम यहां ट्रैफिक जाम रहता है। साथ ही ट्रेनों से कटकर भी लोगों की जान जाती है। अब फाटक पर रोड क्रॉसिंग बंद कर अंडरपास बनने से ट्रैफिक जाम व हादसों से छुटकारा मिलने की उम्मीद है, पर अंडरपास के रास्ते गलियों में निकाले जा रहे हैं, जो यहां करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी ट्रैफिक जाम व हादसे बढ़ाएंगे।
अंडरपास का निरीक्षण किया था। मौके पर पाया कि अंडरपास के रास्ते गलियों में निकाले जा रहे हैं, जिससे ये एक्सीडेंटल प्वाइंट हो सकते हैं। इसलिए रेलवे अफसरों को अंडरपास के रास्ते को गलियों में न घुमाने व सौ मीटर आगे चौड़े रास्ते तक ले जाने के लिए कहा है।
-मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।