संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रदेश सरकार की चिराग योजना में किए गए नए बदलावों से विद्यार्थियों के लिए निजी स्कूलों के दरवाजे खुल जाएंगे। सरकार ने योजना में आय सीमा बढ़ाकर आठ लाख रुपये वार्षिक कर दी है। इससे ऐसे परिवारों के बच्चे भी योजना के दायरे में आ गए हैं, जो अब तक न तो अत्यंत गरीब श्रेणी में आते थे और न ही निजी स्कूलों की फीस वहन कर पाते थे।
शिक्षा विभाग के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा छह से 12वीं तक के छात्रों को इस योजना के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने का अवसर मिलेगा। योजना में बदलाव के बाद जिले में दाखिलों को लेकर हलचल तेज हो गई है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। सभी निजी स्कूलों को 15 फरवरी तक पोर्टल पर अपनी सहमति दर्ज कराते हुए उपलब्ध सीटों का पूरा विवरण देना होगा।
इसके बाद 10 मार्च से सीटों की जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। अभिभावक 13 से 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यदि आवेदन अधिक संख्या में आते हैं तो 1 से 5 अप्रैल के बीच लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों का दाखिला 15 अप्रैल तक और प्रतीक्षा सूची से दाखिले 30 अप्रैल तक पूरे किए जाएंगे। हालांकि पिछले वर्षों के अनुभव नर विभाग की चिंता भी बढ़ाई है। पहले कई नामी निजी स्कूलों ने पोर्टल पर उपलब्ध सीटों का सही विवरण नहीं दिया था, जिससे वास्तविक सीटें कम दिखाई गईं। कुछ मामलों में सीट आवंटित होने के बावजूद दाखिला नहीं दिया गया।
अभिभावकों का कहना है कि यदि योजना पारदर्शी तरीके से लागू हुई तो हजारों बच्चों का भविष्य संवर सकता है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि स्कूल समय पर जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें और विभाग तय समयसीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से पूरा कराए।
गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) प्रेमलता ने कहा कि इस बार लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई स्कूल पोर्टल पर गलत जानकारी देता है या सीट उपलब्ध होने के बावजूद छात्र को दाखिला देने से इंकार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई दर्ज की जाएगी। शिकायतों के निवारण को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अभिभावकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।