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Yamuna Nagar News: अमान्य स्कूल बेलगाम, अधिकारी मेहरबान

Thu, 24 Apr 2025 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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अभय सिंह
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जगाधरी। जिले में चल रहे बिना मान्यता के चल रहे अमान्य स्कूलों पर जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी पूरी तरह मेहरबान है। इन स्कूलों में बिना अनुमति के विद्यार्थियों के दाखिले लिए जा रहे हैं।
यही नहीं इन स्कूलों में निजी प्रकाशकों की किताबें भी बेची जा रही हैं और अभिभावकों को स्कूल व निर्धारित दुकानों से किताबें सहित अन्य शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इन स्कूलों के पास भले मान्यता नहीं है, लेकिन स्कूलों में लगाई पुस्तकें सैकड़ों रुपये की हैं। इन स्कूलों में पांचवीं कक्षा की पुस्तकों की 3000 रुपये से ज्यादा है।
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जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी अमान्य स्कूलों के लिए मेहरबानी और अभिभावकों के लिए उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक कार्य करने वाले लोगों में अधिकारियों के इस रवैये को लेकर रोष हैं। वहीं, विभाग अभी तक अमान्य स्कूलों की गणना तक नहीं कर पाया है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जिले में चलने रहे 47 अमान्य स्कूलों की सूची बनाई थी। गलत होने के कारण यह सूची फिर से तैयार की जा रही है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि अमान्य स्कूलों को मान्यता नहीं दी जाएगी और उन्हें दाखिले करने व कक्षाएं लगाने का अधिकारी नहीं है। बावजूद इसके जिले के अमान्य स्कूलों में लगातार दाखिले हो रहे हैं। अनुमानित जिले के इन गैर कानूनी स्कूलों में करीब दस हजार से ज्यादा विद्यार्थी हैं।
ऐसे में इन विद्यार्थियों का एक साल खराब, अभिभावकों की गाढ़ी कमाई लूटती दिख रही है। शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि यह सब निजी स्कूलों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है, चूंकि इनमें निजी हित समाहित है।
बीईओ बनाएंगे दोबारा सूची: शिक्षा निदेशालय के आदेशों पर जिला शिक्षा सदन कार्यालय ने जिले के अमान्य स्कूलों की सूची खंड शिक्षा अधिकारी से करवाई थी। जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को उनके क्षेत्रों में चल रहे अमान्य स्कूलों की रिपोर्ट व दस्तावेज भेजने के आदेश दिए गए थे। बीईओ की रिपोर्ट पर जिला शिक्षा सदन कार्यालय की ओर से यह सूची तैयार की गई।
जिसमें जिलेभर से कुल 47 स्कूलों के नाम शामिल किए हैं। परंतु विभाग विशेषज्ञों के अनुसार जिले में ऐसे स्कूलों की संख्या 250 के करीब है। वहीं, कई स्कूलों ने सूची पर आपत्ति भी जताई थी। जिसके बाद बीईओ को दोबारा रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। परंतु जिले में शिक्षा विभाग के कुल छह खंड हैं।
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जबकि पांच खंड़ों में अधिकारी नहीं हैं, केवल सरस्वतीनगर में खंड शिक्षा अधिकारी है। जिला कार्यालय की ओर से निदेशालय से बीईओ की नियुक्ति की मांग की गई है। जिसमें अभी 15 से 20 दिन का समय लग सकता है।
इसका सीधा अर्थ यह है कि एक महीने तक इस पर कोई काम नहीं किया जाएगा। इसका सीधा लाभ अमान्य स्कूलों को होगा। संवाद
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