संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। भीषण गर्मी के साथ बिजली संकट गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि न घर के अंदर राहत मिल रही है और न ही बाहर। दूसरी ओर बिजली निगम के ट्रांसफार्मरों पर बढ़ते लोड के कारण जंफर, फ्यूज और तार टूटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे जिले में अघोषित कटों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। अब तो पावर हाउस में रखे ट्रांसफार्मरों पर भी कूलर लगाने पड़ गए है।
जिले में वीरवार को इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक 83.27 लाख यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। बढ़ती मांग के चलते बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। शुक्रवार को शहर के सुंदर नगर और सेक्टर-17 में लाइन में फाल्ट आने के कारण करीब दो घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। निगम कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त तारों को बदला और पुराने ट्रांसफार्मरों की जगह अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए, तब जाकर सप्लाई सुचारु हो सकी। जोगिंद्र नगर में रात करीब चार घंटे तक बिजली गुल रही।
बिजली निगम के अनुसार शुक्रवार को जिलेभर से कुल 803 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें अधिकतर शिकायतें जंफर टूटने, फ्यूज उड़ने, तार टूटने और ट्रांसफार्मरों से सप्लाई बंद होने से संबंधित थीं। कई क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या भी बनी रही। उपभोक्ता लगातार निगम कार्यालयों और शिकायत केंद्रों पर फोन कर बिजली बहाल करने की जानकारी लेते रहे।
बिजली की कमी से सूखने लगा गन्ना व चारा
किसान संजू गुंदिया, हरपाल सिंह और रामबीर चौहान ने बताया कि सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। अधिकारियों की ओर से आठ घंटे बिजली देने का दावा किया जा रहा है। वास्तव में मुश्किल से पांच से छह घंटे ही सप्लाई मिल रही है। ऊपर से बार-बार कट लगने के कारण खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुंच पा रहा। किसानों ने कहा कि भीषण गर्मी में गन्ने की फसल और पशुओं के लिए बोया गया हरा चारा सूखने लगा है। जल्द पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं कराई गई तो फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने ग्रामीण फीडरों पर नियमित और तय समय के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
बिजली पर आधारित काम प्रभावित
बिजली संकट का असर व्यापारिक गतिविधियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दुकानदार राजीव, नीरपाल और अशोक ने बताया कि लगातार बिजली कटने से उनका काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर, प्रिंटिंग मशीन, वेल्डिंग उपकरण और अन्य बिजली आधारित मशीनें बंद रहने से ग्राहकों के काम समय पर पूरे नहीं हो पा रहे। बार-बार बिजली जाने से इन्वर्टर भी जवाब देने लगे हैं। दुकानदारों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ना स्वाभाविक है, इसलिए निगम को पहले से पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए थे।
कोई कट नहीं लग रहा : एसई
बिजली निगम के एसई मनिंद्र सिंह का कहना है कि बिजली निगम की तरफ से कोई कट नहीं लगाया जा रहा है। गर्मी की वजह से तार टूटने, जंफर टूटने जैसी शिकायतें आ रही हैं। कई दिन से बारिश भी नहीं हुई है, जिससे ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ गया है।
रात में बिजली की लाइन को ठीक करता कर्मचारी। स्वयं
रात में बिजली की लाइन को ठीक करता कर्मचारी। स्वयं