संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दूषित खानपान व बदलते मौसम में लोग बड़ी संख्या में टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। टाइफाइड भी ऐसा कि दर्द व जोड़ों के दर्द से शरीर हिल तक नहीं पा रहा। कई-कई दिन दवा खाने के बाद भी लोगों को आराम नहीं मिल रहा। इसकी चपेट में बच्चों से लेकर बड़े तक सभी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में टाइफाइड बुखार के मामले सामने आ रहे हैं।
कई दिनों से जिनको बुखार आ रहा है, वह वायरल मानकर मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा रहे हैं। आराम नहीं मिलने पर डॉक्टर के पास पहुंचने पर खून की जांच हो रही है तो टाइफाइड निकल रहा है। इतना ही नहीं इस बार टाइफाइड की चपेट में आए लोगों के प्लेटलेट्स भी घट रहे हैं।
इससे मरीजों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ गई है। इसलिए लोग टाइफाइड के साथ-साथ प्लेटलेट्स बढ़ाने की दवा भी ले रहे हैं। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के अलावा उप जिला अस्पताल जगाधरी और निजी अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में ऐसे लोग उपचार कराने पहुंच रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में फिजिशियन डॉक्टर आईएनएल कुमार ने बताया कि इन दिनाें टाइफाइड का प्रकोप अधिक बढ़ जाता है। गंदे या पेय पदार्थों का सेवन करने पर लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। गंदे पेय पदार्थ पाचन तंत्रिका पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। तीन दिन से अधिक बुखार न छोड़ने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें, जितना भी हो घर पर बनी चीजें खाएं।
लैब में जांच कराएं। जल जनित रोग से बच्चे जल्दी ग्रसित हो जाते हैं। उनके खानपान पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। इसके अलावा बच्चों के साथ निमोनिया, नजला-जुकाम की समस्या भी काफी बढ़ गई है।