कालिंदी कॉलोनी में रिटायर्ड प्रिंसिपल मुरारी लाल गुप्ता और उनकी पत्नी कृष्णा गुप्ता के घर डकैती करने के मामले में कोर्ट ने आर्म्स एक्ट और लूटा गया सामान बरामद होने पर दोषी ठहराए गए दोनों दोषियों को दो दो साल की सजा व एक एक हजार रुपये जुुर्माना लगाया है। यह फैसला एडीजे स्वाती सहगल की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट ने बुधवार को मामले में डेहा बस्ती बराड़ा निवासी अजय उर्फ रवि और यूपी के सहारनपुर के गांव नगली माजरी निवासी मोहम्मद इजाज को दोषी करार दिया था, जबकि तीन अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। अभियोजन पक्ष इस मामले में डकैती का आरोप साबित नहीं कर पाया। जिसके चलते आरोपी बरी हो गए।
कालिंदी कॉलोनी निवासी मुरारी लाल गुप्ता शिक्षा विभाग से रिटायर्ड प्रिंसिपल है। पांच जनवरी 2018 की रात को मुरारी लाल गुप्ता व उसकी पत्नी कृष्णा अपने घर में सोए हुए थे। करीब साढ़े तीन बजे पांच युवक रसोई की ग्रिल उखाड कर घर में घुसे। एक युवक दंपती के हाथ बांध कर मुंह पर कपड़ा बांध दिया था। सभी युवकों ने मुंह पर कपड़ा बांधा हुआ था। इसके बाद आरोपियों ने अलमारी खोल कर उसमें से 30 हजार रुपये, चांदी के सिक्के मूर्तियां लूट ली थीं। इसके बाद उन्होंने चाकू व देसी कट्टे के बल पर कृष्णा के हाथों से पांच सोने की चूड़ियां व कानों की बालियां व एक सोने की अंगूठी निकाल ली थी। जाते हुए बदमाशों ने वहां से तीन मोबाइल भी उठा लिए थे। मामले में शहर पुलिस ने पांच अज्ञात युवकों पर लूटपाट का मामला दर्ज किया था। कुछ दिनों बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।