शहर की अशोका कालोनी में दंपती ने बिना बैंक का लोन चुकता किए घर को अन्य व्यक्ति को बेच दिया। जब व्यक्ति उस घर को तोड़कर नया घर बनाने लगा तो उसे मकान पर दंपत्ति द्वारा लिए गए लोन की जानकारी मिली। व्यक्ति ने आरोपी दंपत्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
अशोका कॉलोनी निवासी सुशील अग्रवाल ने फर्कपुर पुलिस थाने में दी शिकायत में बताया कि अगस्त 2015 में आरके पुरम जोडियो निवासी अनिल कुमार व उसकी पत्नी रणकौर से मकान खरीदा था। जब उन्होंने मकान खरीदा तो अनिल कुमार ने उसे बताया कि मकान की असली रजिस्ट्री गुम हो गई जो कि उसकी पत्नी के नाम थी। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रजिस्ट्री की गुमशुदगी की शिकायत थाने में दर्ज करवाई हुई है। आरोपियों ने मकान खरीदते समय उन्हें रजिस्ट्री की गुमशुदगी की रिपोर्ट पर अपने हस्ताक्षर करके उन्हें थमा दिए। इसके बाद जब वह उस जगह पर नया मकान बनाने के लिए उस मकान को तोडऩे लगे तो आंध्रा बैंक से दो कर्मचारी वहां आए। बैंक कर्मचारियों ने बताया कि आरोपी अनिल व उसकी पत्नी रणकौर ने उस मकान पर लोन लिया हुआ है। बैंक कर्मचारियों की बात सुनकर वे हैरान रह गए। उसने इस बारे आरोपियों से बात की मगर उन्होंने उसकी बात नहीं सुनी। आरोपियों ने उसे धक्के देकर घर से निकाल और बैंक का लोन भरने से मना कर दिया। उसने घटना के बारे में पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
जांच अधिकारी एएसआई बलराज का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।