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Yamuna Nagar News: सदन के दो माह बाकी, मंजूर काम पुरा करा चुनौती

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नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी सदन का कार्यकाल दो माह में खत्म हो रहा है। ये देख पार्षद वार्डों में साढ़े तीन माह पहले मंजूर डेढ़-डेढ़ करोड़ के काम शुरू न होने से नाखुश हैं। उनका आरोप है कि अभी तक निगम अफसर उक्त राशि से होने वाले कामों की सूची भी तैयार नहीं कर पाए हैं। ऐसे में दो माह में यह काम शुरू करने चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि इनकी सूची तैयार करने से लेकर एस्टीमेट बनाने व ट्रेंडर करने जैसी औपचारिकताएं पूरी करने में ही डेढ़ से दो माह का समय लगना तय है। पार्षदों की मानें तो कार्यकाल खत्म होने से पहले यह काम शुरू होने मुश्किल हैं और फिर आचार संहिता लगने पर भी यह नहीं हो सकेंगे। बता दें कि 20 जुलाई की सदन बैठक में हर वार्ड वार्ड में डेढ़ करोड़ की लागत से विकास कार्य कराने का प्रस्ताव पास किया गया था। जिसमें 50 लाख विधायक, 50 लाख मेयर व 50 लाख रुपये संबंधित पार्षद के माध्यम से वार्ड के विकास कार्य कराए जाने थे। किंतु पार्षदों में वार्ड तीन से हरमीन कोहली, चार से देवेंद्र सिंह, पांच से विनय कांबोज, सात से रामआसरा भारद्वाज, आठ से विनोद मरवाह, तेरह से निर्मल चौहान ने बताया कि सदन में उक्त प्रस्ताव पास हुए साढ़े तीन माह का समय हो चुका है। इस दौरान निगम अफसरों ने प्रस्ताव मुताबिक वार्डों में यह डेढ़ करोड़ रुपये के काम कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। न तो पार्षदों से उनके हिस्से के 50-50 लाख रुपये से कराए जाने वाले कामों की सूची मांगी गई और न अन्य औपचारिकताएं पूरी की। अब सदन का कार्यकाल खत्म होने में दो माह का समय बाकी है, तब भी इन काम को शुरू करने को लेकर कोई रूचि नहीं है। ऐसे में कार्यकाल खत्म होने पर आगामी निगम चुनाव की घोषणा होते ही आचार संहिता लगने पर भी यह काम कई माह के लिए रूक जाएंगे। इसलिए उनकी मांग है कि एक हफ्ते में हर वार्डों में डेढ़-डेढ़ करोड़ से होने वाले कार्यों की सूची तैयार कर इसी माह उनके टेंडर किए जाएं, जिससे किसी तरह अगले माह के अंत तक या आचार संहिता लगने से पूर्व यह कार्य शुरू कराए जा सकें। क्योंकि वार्डों में मांग मुताबिक विकास कार्य न होने से लोग दुखी है। कहीं गलियों-सड़कों व नाले-नालियों के निर्माण व मरम्मत तो कहीं जनता के कामों के लिए भवनों के निर्माण होने हैं। इसलिए निगम अफसरों को प्राथमिकता से लेकर यह काम सिरे चढ़ाने चाहिए।
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सदन में इस तरह का प्रस्ताव पास किया गया है तो संबंधित अफसरों से इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। जो काम जरूरी हैं, उन्हें समय रहते शुरू व पूरा करने का प्रयास रहेगा।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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