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Yamuna Nagar News: हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे दो कांवड़ियों की ट्रक की टक्कर से मौत

Sat, 08 Aug 2026 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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सचिन। फाइल फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल अपने गांव लौट रहे जींद जिले के दो कांवड़ियों की ट्रक की टक्कर मौत हो गई। रादौर-कुरुक्षेत्र मार्ग पर वीरवार देर रात धैड़ंग गांव के समीप ट्रक ने पीछे से दोनों युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से भाग गया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

नरवाना क्षेत्र के मोरपट्टी निवासी विक्रम ने बताया कि वह अपने ताऊ के बेटे सचिन, गांव के अजय और एक अन्य साथी के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर पैदल लौट रहे थे। देर रात जब वे धौड़ंग गांव के पास पहुंचे तो पीछे से आए ट्रक ने सचिन और अजय को टक्कर मार दी। विक्रम ने समय रहते सड़क से हटकर अपनी जान बचाई।
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प्रत्यक्षदर्शी विक्रम ने बताया कि यातायात व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ। सदर यमुनानगर थाना प्रभारी कमलजीत सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। वहीं आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ट्रक चालक की पहचान की जा रही है। आरोपी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हादसे के बाद पुलिस की मौजूदगी में दौड़ते रहे ट्रक
धौड़ंग गांव के पास हुए हादसे के बाद भी रादौर-कुरुक्षेत्र मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही जारी रही। पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन ट्रकों की रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिखा। कांवड़ियों का कहना है कि सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से रात के समय पैदल चलना बेहद जोखिम भरा हो गया था। भारी वाहनों के लगातार गुजरने से श्रद्धालुओं को बार-बार सड़क किनारे हटना पड़ रहा था। उनका कहना है कि यदि पुलिस की ओर से समय रहते भारी वाहनों को रोका या ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता और सड़क पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होती, तो हादसे का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता था।
इकलौते बेटे सचिन की चार माह पहले हुई थी शादी
5 अप्रैल 2026 में शादी के बंधन में बंधे 21 वर्षीय सचिन की सड़क हादसे में मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और नरवाना में कार मॉडिफिकेशन की दुकान चलाने के साथ पढ़ाई भी कर रहा था। कांवड़ यात्रा से लौटते समय हुए हादसे की सूचना मिलते ही उनकी पत्नी बेहोश हो गई, जबकि घर में मातम का माहौल छा गया।
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पहली कांवड़ यात्रा बन गई जिंदगी का आखिरी सफर
सचिन और अजय पहली बार हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर अपने गांव लौट रहे थे। दोनों भगवान शिव का जलाभिषेक करने और यात्रा पूरी होने की खुशी परिवार के साथ बांटने की तैयारी में थे। लेकिन यमुनानगर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने उनके सभी सपने अधूरे छोड़ दिए। गांव पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। गांव में मातम छा गया और दोनों युवकों के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

सचिन। फाइल फोटो

सचिन। फाइल फोटो

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