जगाधरी बस अड्डे पर शुक्रवार को छात्रों के दो गुटों में खूनी संघर्ष हो
गया। इससे बस अड्डे पर अफरातफरी मच गई। इसमें दो छात्रों को गहरी चोट आई,
जिन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जहां पर उनकी हालत गंभीर बनी है।
झगडे़ में दो अन्य युवकों को चोटें आईं हैं।
इनमें से एक का इलाज यमुनानगर
के ट्रामा सेंटर में चल रहा है, जबकि दूसरा निजी अस्पताल में उपचाराधीन है।
शहर थाना के कार्यवाहक प्रभारी मेघपाल का कहना है कि घायलों को डॉक्टरों
ने अनफिट किया है, इसलिए बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। बयान दर्ज होने के बाद
ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गांव मुजाफत निवासी अमित ने बताया कि
उसका साथी जितेंद्र यमुनानगर स्थित एक कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र
है, जबकि कुलदीप ओपन से पढ़ाई कर रहा है। शुक्रवार को वे दोनों गांव
गंगनौली निवासी त्रिशंकु के साथ बस से जगाधरी आए थे, ताकि कुलदीप अपने ओपन
के फार्म भर सके और जितेंद्र कॉलेज जा सके।
अमित ने बताया कि बस में
त्रिशंकु की कोटड़ा गांव के कुछ युवकों के साथ कहासुनी हुई थी, जब वे तीनों
जगाधरी बस अड्डे पर पहुंचे तो कोटड़ा गांव के युवकों ने उन पर डंडों से
हमला बोल दिया। इसके बाद बस अड्डे पर अफरातफरी मच गई। आरोप है कि एक निजी
बस के चालक ने हमलावरों को हथियार दे दिए। इसके हमलावरों ने उन पर रॉड व
तेजधार हथियार से हमला बोल दिया। इसके बाद बस अड्डे पर कोहराम मच गया।
सूचना मिलने के बाद बस अड्डे चौक पर खड़ी पुलिस ने पहुंचकर स्थिति का जायजा
लिया तो हमलावर मौके से फरार हो गए। झगडे़ में मुजाफत निवासी जितेंद्र,
कुलदीप, गांव गंगनौली निवासी त्रिशंकु व एक अन्य को चोटें आई हैं। पुलिस ने
घायलों को शहर के अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां से जितेंद्र और कुलदीप
को पीजीआई रेफर कर दिया गया, जबकि त्रिशंकु को इलाज के लिए यमुनानगर स्थित
ट्रामा सेंटर में भेज दिया। शहर थाना के कार्यवाहक प्रभारी मेघपाल का कहना
है कि पुलिस ने अस्पताल में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। घायलों के
बयान दर्ज करने के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
छात्रों में दहशत का माहौल
शुक्रवार
को बस अड्डे पर सरेआम खूनी संघर्ष से विद्यार्थियों में दहशत का माहौल है।
शहर के निजी कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा प्रियंका व सुमन ने बताया कि जब
तेजधार हथियार लगने के बाद एक छात्र के सिर से खून बहने लगा, तो वह सहम गई।
स्वयं को बचाने के लिए उन्होंने इधर-उधर दौड़ लगा दी। उन्होंने कहा कि
बसों में आवागमन के दौरान भीड़ बहुत ज्यादा होती है। कई बाद छात्र बस में
ही लड़ना शुरू कर देते हैं। इस कारण सबसे ज्यादा परेशानी लड़कियों को उठानी
पड़ती है।