यमुनानगर। नगर निगम की ओर से घरों में दो-दो डस्टबिन भी रखवाए गए हैं ताकि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें, लेकिन कूड़ा लेने आने वाली गाड़ियों में दोनों तरह का कचरा एक ही जगह डाला जा रहा है। इससे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने की पूरी व्यवस्था बेअसर साबित हो रही है। पार्षदों का कहना है कि कूड़ा एकत्रित करने के लिए आने वाली अधिकांश गाड़ियों में चालक के साथ कोई सहायक नहीं होता। चालक गाड़ी से नीचे नहीं उतरता, जिसके कारण लोगों को स्वयं ही कूड़ा उठाकर गाड़ी में डालना पड़ता है। ऐसे में अधिकांश लोग गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डालने के बजाय एक साथ ही गाड़ी में डाल रहे हैं।
पार्षद प्रियांक शर्मा, जयंत स्वामी और विक्रम राणा का कहना है कि इस समस्या के बारे में कई बार नगर निगम के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। प्रत्येक कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में चालक के साथ एक सहायक होना जरूरी है, ताकि वह नीचे उतर कर लोगों से अलग-अलग कचरा लेकर सही स्थान पर डाल सके। कई स्थानों पर बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गाड़ियों की ऊंचाई अधिक होने के कारण बुजुर्गों के लिए कूड़ा ऊपर तक उठाकर डालना मुश्किल होता है। सहायक न होने की वजह से उन्हें मजबूरी में कचरा एक ही जगह डालना पड़ता है। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से कूड़ा एकत्रित करने वाली गाड़ियों के पीछे घरेलू हानिकारक कचरा, जैविक अपशिष्ट और इलेक्ट्रॉनिक कचरा अलग-अलग एकत्रित करने के लिए लोहे के टीन लगाए गए हैं, लेकिन इनका कोई उपयोग नहीं हो रहा। घरों से आने वाला सारा कचरा एक ही जगह डाल दिया जाता है, जिससे अलग-अलग कचरा प्रबंधन की व्यवस्था केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है।
इतना ही नहीं, गुलाब नगर स्थित डंपिंग प्वाइंट पर भी सारा कूड़ा एक ही स्थान पर डाला जा रहा है। ऐसे में घरों में दो-दो डस्टबिन रखने का उद्देश्य भी पूरा नहीं हो पा रहा। पार्षदों का कहना है कि यदि अंत में कूड़ा एक ही जगह मिलाया जाना है तो फिर लोगों को अलग-अलग कचरा रखने के लिए क्यों कहा जा रहा है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि इस व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो यह शहर के स्वच्छता अभियान और स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग पर भी असर डाल सकता है।
वर्जन:
कूड़ा छंटाई में समय खराब न हो इसलिए घर से ही अलग-अलग डस्टबिन रखने के लिए लोगों से कहा गया है। गाड़ियों में सहायक नहीं आ रहे हैं इसकी शिकायत पार्षदों ने की है। इस बारे में संबंधित एजेंसी से बात की जाएगी ताकि कूड़ा अलग-अलग ही डाला जा सके।
- सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।