नौ माह कोख में रखा, लेकिन पैदा होते ही बच्ची को लावारिश छोड़कर कलयुगी मां फरार हो गई। घटना यमुनानगर की है। बच्ची को तौलिए में लपेट कर एक घर के बाहर छोड़ा गया था।
हरियाणा के यमुनानगर में एक कलयुगी मां की करतूत फिर सामने आई है। यमुनानगर के गांव टेही में दो दिन की नवजात बच्ची को एक घर के दरवाजे पर छोड़ कर फरार हो गई। जब बच्ची रोने लगी तो उसकी आवाज सुनकर घर के अंदर से लोग आए। लावारिस बच्ची की सूचना पंचतीर्थी पुलिस चौकी में दी गई। इसके बाद पुलिस व महिला एवं बाल विकास और जिला बाल संरक्षण इकाई की टीमें मौके पर पहुंची। बच्ची को सिविल अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। पूरी तरह स्वस्थ होने पर बच्ची को शिशु गृह पंचकूला में भेजा जाएगा।
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कार्यवाहक जिला बाल संरक्षण अधिकारी रंजन शर्मा ने बताया कि वीरवार दोपहर पंचतीर्थी पुलिस चौकी इंचार्ज को टेही गांव में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिलने की सूचना मिली। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में पता चला कि बच्ची एक घर के बाहर दरवाजे के पास तौलिए पर लपेटकर रखी हुई थी। बच्ची के रोने पर घर के अंदर से लोग आए और बच्ची को संभाला।
पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से नवजात को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल से सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास और जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम भी मौके पर पहुंची। जिसमें कार्यवाहक जिला बाल संरक्षण अधिकारी रंजन शर्मा व संरक्षण अधिकारी प्रीति शर्मा मौजूद थी। उन्होंने नवजात बच्ची के हालातों की जानकारी ली।
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नवजात के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाने की व्यवस्था करवाई गई। डॉक्टर ने बच्ची का चेकअप किया। जांच में बच्ची स्वस्थ है। सिविल अस्पताल में बच्ची की देखरेख चल रही है। रंजन शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को बच्ची के स्वास्थ्य का फॉलोअप किया जाएगा। यदि बच्ची पूरी तरह मेडिकल फिट होगी तो उसे शिशु गृह पंचकुला भेज दिया जाएगा। बच्ची को अगर कोई क्लेम नहीं करने आता है तो बच्ची को गोड़ प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। फिलहाल पंचतीर्थी पुलिस चौकी ने मामले में अज्ञात पर केस दर्ज कर उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी है।
लावारिस हालत में न छोड़े नवजात को
जिला कार्यक्रम अधिकारी तरविंदर कौर महिला एवं बाल विकास ने आमजन से बच्चों को लावारिस हालत में न छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर किसी की कोई मजबूरी है तो वह बच्चे को सरकार को एडॉप्शन प्रक्रिया में दे सकते हैं। इसके अलावा सिविल अस्पताल में पालना बनाए गए है। यहां भी बच्ची को छोड़ कर जा सकते हैं।