यमुनानगर। नगर निगम कार्यालय का नया भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नए भवन में दो ब्लॉक बनाए जाएंगे। एक ब्लॉक में नगर निगम मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर, नगर निगम आयुक्त, संयुक्त आयुक्त व ईओ समेत तमाम अधिकारियों के कार्यालय होंगे। वहीं दूसरे ब्लॉक में पब्लिक डिलिंग से संबंधित कार्य होंगे। इससे लोगों को कार्यालय में यहां-वहां नहीं भटकना पड़ेगा। एक ही छत के नीचे सारे काम होने से शहरवासियों को काफी राहत मिलेगी।
फिलहाल जिला सचिवालय के सामने मार्केट कमेटी से ली गई जगह में मिट्टी से भरत कराया जा रहा है। भवन का लेवल सड़क से ऊंचा होगा ताकि बारिश का पानी इसमें न भरे। माना जा रहा है कि निगम के नए भवन को बनाने पर करीब 50 से 60 करोड़ रुपये खर्च आ सकता है। भवन में बेसमेंट भी होगा जिसमें अधिकारियों व कर्मचारियों के वाहन खड़े हो सकेंगे। नगर निगम के पास रेलवे स्टेशन रोड पर भगत सिंह चौक के पास अपना भवन है। यह भवन अब इतना जर्जर हो चुका है कि इसकी छत से पानी टपकता है। हर साल इस भवन की मरम्मत पर 12 से 15 लाख रुपये खर्चने पड़ रहे हैं। भवन की दीवारें भूरभूरा कर बिखर रही हैं। दीवारों पर न केवल पौधे उगे हैं बल्कि इसमें दरारें भी आ गई हैं। इसलिए नगर निगम काफी समय से नया भवन बनाने के लिए जगह की तलाश कर रहा था। अब जिला सचिवालय के सामने मार्केट कमेटी जगाधरी से अनाज मंडी परिसर में कार्यालय के लिए 2.30 एकड़ जमीन ली गई है। इस जमीन के लिए निगम ने मार्केट कमेटी को करीब 40 करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान किया है।
फिलहाल तीन कार्यालयों में भटक रहे शहरवासी:
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी कार्यालय फिलहाल तीन हिस्सों में बंटा हुआ है। इंजीनियरिंग व बिल्डिंग ब्रांच गोविंदपुरी में निगम के एससीओ में चल रही है। जगाधरी जोन का कार्यालय पहले से ही जगाधरी में चल रहा है। तीसरा कार्यालय भगत सिंह चौक के पास रेलवे स्टेशन रोड पर है, जिसमें निगम आयुक्त व मेयर बैठते हैं। तीन कार्यालय होने से शहरवासियों व पार्षदों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके अलावा पुराने भवन में पार्किंग की बड़ी दिक्कत है। यहां मजबूरी में सड़क पर ही वाहनों को खड़ा करना पड़ता है।
2018 से रूका पड़ा है भवन का निर्माण:
यदि सबकुछ ठीक रहा होता तो कई साल पहले नगर निगम का नया भवन बनकर भी तैयार हो गया होता। वह इसलिए कि प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नगर निगम कार्यालय का भवन बनवाने की घोषणा की थी। इसके लिए शहर में पंचायत भवन के पीछे 3.87 एकड़ जमीन भवन बनाने के लिए फाइनल की गई थी। एक सितंबर 2018 को मनोहर लाल ने भवन का शिलान्यास भी कर दिया था। मार्च 2018 में 28.28 करोड़ का पहला टेंडर लगाया गया था। यहां भवन बनाने पर गोबिंदपुरा के ग्रामीणों ने एतराज जताया और कोर्ट से स्टे लेकर भवन बनाने की प्रक्रिया रोक दी। ग्रामीणों के अनुसार यह जगह तालाब की थी, जिस पर एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार कोई निर्माण नहीं किया जा सकता। तब से भवन के लिए दूसरी जगह देखी जा रही थी।
कार्यालय के लिए मार्केट कमेटी जगाधरी से ली गई जमीन की कीमत का भुगतान कर दिया गया है। नए भवन की डीपीआर तैयार हो रही है। फिलहाल खरीदी गई जगह पर मिट्टी डलवाई जा रही है। नया भवन बनने से लोगों की कई परेशानियां कम हो जाएंगी। करीब ढाई साल में भवन तैयार हो जाएगा।
- महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।