आधार कार्ड को लेकर जिले के करीब ढाई लाख लोगों को दोबारा आधार कार्ड
बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ सकता है। क्योंकि कंपनी के रिकार्ड से
करीब ढाई लाख लोगों का डाटा अभी नहीं पहुंच पाया है।
कंपनी अधिकारियों का
मानना है कि या तो इन लोगों का डाटा रिजेक्ट हो गया है या फिर कहीं गुम हो
गया है। इससे आने वाले दिनों में अगर इन लोगों को आधार कार्ड बनवाना है तो
दोबारा से आवेदन करना पड़ेगा। कंपनी के अनुसार जिले से अब तक 11 लाख लोगों
ने आवेदन किया हुआ है। इसमें आवेदन के लिए सिर्फ एक लाख के करीब लोग ही बचे
हैं। इसमें से आठ लाख 36 हजार को आधार नंबर मिल गया है।
कंपनी के अनुसार
जिन लोगों ने महीनों पहले आवेदन किया है और उन्हें अब तक आधार नंबर नहीं
मिला है, हो सकता है उनका डाटा गुम हो गया हो। इससे उन्हें अब दोबारा से
आवेदन करना पड़ सकता है। आधार कार्ड बनवाने की पूरी प्रक्रिया से उन्हें
दोबारा से जूझना पड़ेगा। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों को
आवेदन करने के कई माह बाद भी आधार नंबर नहीं मिला है वे आवेदन के दौरान दी
स्लिप के आधार पर चेक करा सकते हैं, जिससे पता चल जाएगा कि कहीं उनका आवेदन
भी रिजेक्ट तो नहीं हो गया है।
हालांकि अभी इन लोगों के पास तीन माह का
समय है। क्योंकि आधार कार्ड लिंक करवाने के लिए तीन माह का ग्रेस पीरियड
सरकार की ओर से दिया गया है।
दोबारा होगा फिंगरप्रिंट और फोटो
आधार
कार्ड बना रही कंपनी के डिस्ट्रिक मैनेजर चंदन सिंह का कहना है कि जिन
लोगों को आवेदन के कई माह बाद भी एनरोलमेंट नंबर नहीं मिल पाया है लग रहा
है उनका डाटा रिजेक्ट हो गया है। इसके लिए अगर उन्हें आधार कार्ड चाहिए तो
उन्हें दोबारा से पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। इसमें दोबारा से
उनके फिंगरप्रिंट और फोटो लेनी होगी। उसके बाद ही उन्हें एनरोलमेंट व कार्ड
जारी किया जाएगा। उनका यह भी कहना है कि अगर ऐसा व्यक्ति आता है जिसने
आवेदन किया हुआ हो और उसके पास स्लिप हो तो स्लिप नंबर से पता किया जा सकता
है कि इस व्यक्ति का डाटा रिजेक्ट हुआ है या नहीं।
इस माह इतनों को मिला एनरोलमेंट
फरवरी
2013 में 29 हजार को एनरोलमेंट नंबर मिल पाए। मार्च में इनकी संख्या एक
लाख हो गई, अप्रैल में एक लाख 81 हजार, मई में ढाई लाख, जून में तीन लाख 30
हजार, जुलाई और अगस्त में चार लाख, सितंबर में चार लाख 80 हजार, अक्टूबर
और नवंबर में छह लाख 30 हजार और दिसंबर से अब तक करीब साढे़ आठ लाख लोगों
को आधार कार्ड या एनरोलमेंट नंबर मिल चुका है।