संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुलिस ने गांव बाल छप्पर में 11 मई की सुबह किसान सतनाम सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में सहयोग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पंजाब के एसएएस नगर निवासी अशोक और सारन निवासी इंद्रपाल के रूप में हुई है। दोनों पर हत्या को अंजाम देने वाले शूटर को हथियार, आर्थिक सहायता देने और अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने का आरोप है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने वारदात की योजना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस पूछताछ में शूटर और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मृतक की पत्नी प्रवीण कौर ने बताया कि यह हत्या पारिवारिक पुरानी रंजिश का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी परिवार को धमकियां मिलती रही थीं, लेकिन इस बार आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
वहीं मंगलवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी और शूटर तक पहुंचने के लिए उनके नेटवर्क और संपर्कों की भी जांच की जाएगी। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
सतनाम सिंह हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में नए खुलासे सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी अशोक के खाते में विदेश से रकम भेजी गई थी। चंडीगढ़ के एक होटल में शूटर को भी उसने रुकवाया था। वहीं आरोपी इंद्रपाल ने वारदात को अंजाम देने वाले शूटर को हथियार उपलब्ध कराए थे।
पिता की हत्या का बदला लेने के लिए विदेश से रची साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि रिषपाल सिंह के बेटे युवराज ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए सतनाम सिंह की हत्या की साजिश रची थी। करीब डेढ़ साल से विदेश में रह रहा युवराज वहीं से पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया कि युवराज ने अशोक कुमार और इंद्रपाल सिंह की मदद से शूटर हायर किया। आरोप है कि शूटर को विदेश भेजने का लालच भी दिया गया था।