नगर निगम चुनाव के बाद मेयर, पार्षद और निगम अधिकारियों की पहली बैठक
सोमवार को लघु सचिवालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता मेयर सरोज बाला और निगम
आयुक्त एवं डीसी मंदीप सिंह बराड़ ने की। बैठक में निगम क्षेत्र में विकास
कार्यों से जुड़े नौ एजेंडे रखे गए थे।
सभी एजेंडों में शहर के विकास और
आगामी योजनाओं से जुड़े थे। बैठक में बिना किसी हंगामे से एजेंडों पर
पार्षदों ने सहमति भी जताई दी।
ये रहे बैठक में एजेंडे
पहला
एजेंडा : बैठक में नगर निगम ईओ विजय पाल यादव की ओर से पहला एजेंडा
पार्षदों के सामने पेश किया गया। इसमें निगम क्षेत्र के सभी वार्डों के लिए
10 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। इसमें हर वार्ड के हिस्से विकास कार्यों
के लिए 50-50 लाख रुपये आएंगे। बजट से वार्डों में सड़के, नालियां, पानी की
व्यवस्था और अन्य कार्य किए जाएंगे। इस पर कई वर्षों की ओर से सुझाव दिया
गया कि गत दिनों सीएम की ओर से जो राशि जारी करने के लिए एनाउंस किया गया
है उसमें से एक-एक करोड़ वार्डों को जारी किया जाए।
दूसरा एजेंडा :
बैठक में दूसरा एजेंडा स्ट्रीट लाइटों का रखा गया। इसमें ईओ की ओर से 11
हजार स्ट्रीट लाइट लगाने की बात कही। उन्होंने बताया कि इसमें कुछ के टेंडर
हो गए हैं। इस पर कुछ पार्षद कहने लगे कि लाइटें किस वार्ड और किस जगह पर
कितनी लगाई जाएगी, इसकी जानकारी हमें पहले क्यों नहीं दी गई। इस पर आयुक्त
बराड़ ने कहा कि आगे से जो प्लान होगा उस बारे में पार्षदों को सूचित किया
जाए। इसके साथ ही ट्रेड लाइसेंस बनाने की बात भी रखी गई।
तीसरा
एजेंडा : निगम अधिकारियों की ओर से बैठक में चौथा एजेंडा आरआईएवाई योजना के
लिए आए 60 करोड़ का था। इसमें बताया गया कि सभी क्षेत्र में लोगों को
मूलभूत सुविधाएं दी जाए। वह क्षेत्र चाहे वैध हो या फिर अवैध हो।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुविधाओं का यह मतलब नहीं होगा कि ये कॉलोनी
या क्षेत्र सुविधाएं देने के बाद वैध हो जाएंगे। इसके साथ ही आठ क्षेत्रों
के लिए सात करोड़ 36 लाख रुपये का बजट आया है। प्रोफेसर कॉलोनी और अन्य
क्षेत्र में जलभराव की दिक्कत को दूर करने के लिए 22 करोड़ रुपये आ चुके
हैं। इसके साथ ही इस एजेंडे में दो कम्यूनिटी सेंटर बनाने की बात रखी गई।
इसमें एक कम्यूनिटी सेंटर बुड़िया तो एक हमीदा में बनाया जाएगा।
पांचवां
एजेंडा : पांचवें एजेंडे में नगर निगम कार्यालय बदलने का मामला रखा गया।
इस पर आयुक्त बराड़ ने सभी पार्षदों की सहमति मांगी और कहा कि कार्यालय के
लिए तीन एकड़ जमीन पंचायत भवन के पास पड़ी है। अगर किसी पार्षद को कोई
ऐतराज न हो तो कार्यालय का नक्शा बना सरकार से बजट की डिमांड की जाए, लेकिन
इसका बीजेपी पार्षदों ने विरोध करते हुए कहा कि जमीन के बारे में हमसे
पहले क्यों नहीं पूछा गया। इस पर निगम अधिकारियों और पार्षदों की बीच काफी
बहस हुई।
छठा एजेंडा : निगम के संयुक्त आयुक्त एवं एसडीएम जगाधरी
ने छठा एजेंडा रखा। इसमें शहर की सफाई व्यवस्था की बात रखी गई। उन्होंने
कहा कि शहर को साफ सुधरा रखने के लिए चार जोन बनाए गए हैं। इसमें एक जोन
में निगम के नियमित कर्मचारी काम करेंगे और तीन वार्ड ठेेके पर दिए जाएंगे।
पहले जोन में जिसमें निगम के नियमित कर्मचारी काम करेंगे में वार्ड-3, 4,
7, 8, 9, 10, 11, 12 और 18 रखा गया। ठेके पर दिए जाने वाले जोन नंबर दो में
वार्ड-1, 2, 5 और 6 रखा गया है। जोन तीन में 12, 14, 15 और 16 वार्ड
रहेगा। जोन चार में 17, 19 और वार्ड 20 रहेगा। इस पर उन्होंने पार्षदों का
सुझाव मांगा। लेकिन पार्षदों ने सुझाव ऐसे दिए कि जो निगम अधिकारियों के
गले नहीं उतरे। इस पर एक कमेटी बनाई गई, जिसे जोन को लेकन स्थिति साफ करने
करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया।
सातवां एजेंडा इस एजेंडे
में शहर में सभी नॉर्मस पूरे करने वाला स्लाटर हाउस बनाने की बात रखी गई।
जिसके लिए पांच एकड़ जमीन तलाशी जाएगी। निगम आयुक्त ने बताया कि अभी शहर
में दो स्लॉटर हाउस है, लेकिन ये नॉमर्स को पूरा नहीं करते। इसके लिए निगम
क्षेत्र में कोई ऐसी जमीन तलाशी जाए जो बंजर हो।
आठवां एजेंडा :
बैठक में आठवां एजेंडा रखा गया कि निगम की ओर से वार्ड-1, 2 और तीन वार्ड
में सर्वे कराया गया है कि जिससे निगम का पूरा काम और पूरा क्षेत्र हाईटेक
होगा। इसमें हर वार्ड का मकान, गली, सीवरेज सिस्टम, वैध और अवैध कॉलोनी,
कूडा दान, निगम की दुकानें और अन्य कई तरह की बातों को कंप्यूटर से जोड़ा
जाएगा। इसमें निगम अधिकारी कार्यालय में बैठकर ही निगम की हर प्रॉपर्टी और
कार्यों को देख सकेंगे। तीन वार्ड में योजना सफल होने पर सभी वार्डाें को
इस योजना के साथ जोड़ा जाएगा।
नौवां एजेंडा : बैठक में नौवां और
अंतिम एजेंडा पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार को लेकर पेश किया
गया। इसमें कहा गया कि एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है जिसमें एक तो शहर के
उन क्षेत्रों में पार्किंग व्यवस्था की जाए जहां पर पार्किंग नहीं है।
इसके साथ ही कुछ मार्गों से ट्रैफिक डायवर्ट की जाएगी। साथ ही लोकल बसों का
रूट निर्धारित करने के लिए काम किया जाएगा। इसके लिए निदेशालय से अप्रुवल
हो गया है।
पार्षदों ने निगम आयुक्त को सुनाया दुखड़ा
यमुनानगर।
जेई हमारी बात नहीं सुनते। एमई को बोलते हैं, तो एमई भी कहते हैं कि जेई
मेरा कहना नहीं मानते। लोग समस्याओं को लेकर सुबह से ही घर में आना शुरू कर
देते हैं। लोगों को जब अन्य वार्डों में विकास कार्य होने की बात पता चलती
है, तो लोग कहते हैं कि पार्षद पैसे खा रहा है। ऐसे में हम वार्डों की
छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कहां जाएं। यह दुखद कहानी थी,
नवनियुक्त पार्षदों की, जो उन्होंने निगम आयुक्त मंदीप सिंह बराड़ के सामने
उठाई। सोमवार को निगम अधिकारियों और नवनियुक्त पार्षदों की बैठक हुई। जैसे
ही निगम के ईओ पहला एजेंडा बैठक में रखने लगे, तो बीजेपी पार्षदाें की ओर
से कहा गया कि बैठक में एजेंडे के साथ-साथ उनकी जनरल दिक्कतों पर भी चर्चा
की जाए। इस पर आयुक्त बराड़ ने कहा कि इन पर भी चर्चा इसी बैठक में होगी।
आयुक्त के इतना कहते ही पार्षद अपना दुखड़ा बताने में लग गए। सबसे पहले
सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू ने पिछले दिनों कुर्सी को लेकर हुए झगड़े की
बात उठाई। उन्होंने कहा कि झगड़े को निपटाने के लिए कुछ नहीं हो रहा है,
ताकि हमे सेफ रहकर निगम कार्यालय में काम कर सकें। इसके बाद वार्ड-8 की
पार्षद संगीता सिंघल ने बात रखी कि लोगों की समस्या को लेकर जब निगम के जेई
और एमई से बात की जाती है, तो कोई उनकी बात नहीं सुनता। अगर लोगों की
समस्या के समाधान के लिए कहा किसे कहा जाए। उन्होंने कहा कि पानी की समस्या
को लेकर जब पब्लिक हेल्थ के जेई पर फोन किया गया तो उन्होंने तो साफ कर
दिया कि उनके पास फोन मत किया करो। एजेंडा बैठक में रखने से पहले करीब आधा
घंटा इसी बात को लेकर पार्षदों और निगम अधिकारियों के बीच बहस होती रही।
हमारे अधिकार भी बताएं
अधिकारी
पार्षदों की बात नहीं सुनते, यह बात जब बैठक में पार्षद बोल रहे थे, उनकी
स्थिति देख साफ पता चल रहा था। एक पार्षद ने तो आयुक्त को यहां तक कह दिया
कि हमें यह बताया जाए कि हमारे अधिकार क्या हैं। वार्ड-3 के पार्षद ने मांग
रखी कि हर पार्षद को विकास के लिए पांच लाख खर्च करने का अधिकार देने की
मांग की। साथ ही पार्काें के लिए एक से दस लाख रुपये दिए जाने की मंाग रखी।
पार्षदों का कहना था कि कोई भी अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं
होता। पार्षदों का कहना था कि जब क्षेत्र में कोई विकास कार्य होता है, तो
उन्हें उसकी कोई जानकारी नहीं होती। अधिकारी मनमर्जी का मैटीरियल यूज करते
हैं। जो मैटीरियल लगाया जाता है, वह कुछ दिन ही चल पाता है।
डेंगू से मर रहे लोग
वार्ड
दस के पार्षद ने बैठक में कहा कि आजाद नगर में डेंगू से दस लोगों की मौत
हो गई है, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसी बात को लेकर अन्य पार्षद
भी बोलने लगे। वार्ड-14 की पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि सीएमओ से कई बार
फॉगिंग के बारे में कहा। उन्होंने जवाब दिया कि फॉगिंग करा दी गई है। अब
किसके पास क्षेत्र की समस्याएं लेकर जाएं।
सम्मानजनक मिले मानदेय
अपने
वार्डों में विकास कार्यों की बात करने के बाद पार्षद आने हित की बात रखने
में भी पीछे नहीं रहे। पार्षदों ने एकमत में कहा कि हमें सम्मान जनक
मानदेय दिया जाए। हर पार्षद को 25 हजार मानदेय दिया जाना चाहिए।
कान्फ्रेंस हॉल कब बनेगा बताओ तिथि
पार्षदों
के तीखे तेवरों को लेकर निगम आयुक्त बराड़ ने भी अपने तीखे तेवर दिखाए।
निगम अधिकारियों से जब उन्होंने निगम कार्यालय में कान्फ्रेंस हॉल का
स्टेटस जानना चाहा, तो हर निगम के अधिकारी एक दूसरे के मुंह की तरफ देखने
लगे। निगम का एक अधिकारी बोला की यह मामला एमई गौरव का है और वह आए नहीं
हैं। इस पर आयुक्त ने कहा कि गौरव नहीं आए तो अन्य कोई बताओ। आयुक्त ने साफ
कहा कि मुझे अभी बताओ कि कान्फ्रेंस हॉल का काम कब तक हो जाएगा, लेकिन
काफी देर कोई निगम का कोई अधिकारी जवाब नहीं दे पाया। इस पर निगम ईओ कुछ
बोलने लगे तो आयुक्त ने काम पूरा होने की तिथि बताने को उन्हें कहा। काफी
देर बाद एक अधिकारी ने कान्फ्रेंस हॉल का काम 15 दिसंबर तक पूरा करने की
बात कही। इस मौके पर एसडीएम जगाधरी डा. आदित्य दहिया, सीटीएम एसएस मान,
रादौर विधायक बिशनलाल सैनी, एमई राजबीर सैनी और सभी वार्डों के पार्षद
उपस्थित रहे।