शनिवार दोपहर को एक अज्ञात ट्रक ने लाज मैटल के पास टक्कर मारकर बिजली के खंभे को तोड़ दिया। जिसके उपरांत मुखर्जी पार्क फीडर ब्रेक डाउन होने की वजह से प्रकाश चौक, सुभाष नगर, मुखर्जी पार्क तथा आसपास के क्षेत्र की बत्ती गुल हो गई।
चार घंटें की कड़ी मशक्कत के उपरांत शहर में बिजली सप्लाई चालू हो पाई। बिजली गुल होने की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कतें फैक्टरी मालिकों को उठानी पड़ी। इसके अलावा दोपहर के समय लोगों के घरों में पेयजल की सप्लाई भी नहीं हो पाई, जिस कारण गृहणियों को रोजमर्रा के काम निपटाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बिजली निगम से मिली जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर को करीब साढे़ 12 बजे एक ट्रक के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए लाज मैटल के पास लगे बिजली के खंभे को टक्कर मारकर तोड़ दिया। जिसके उपरांत मुखर्जी पार्क फीडर ब्रेक डाउन हो गया। फीडर ब्रेक डाउन होने की वजह से प्रकाश चौक, सुभाष नगर, मुखर्जी पार्क, गौरी शंकर कालोनी तथा आसपास क्षेत्र की बिजली गुल हो गई।
बिजली गुल होने पर लोगों ने समझा कि रोजमर्रा की तरह कोई कट लगा है। लेकिन जब काफी देर तक बिजली नहीं आई, तो उन्होंने पावर हाउस पर फोन कर स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई। जहां से उन्हें पता चला कि तकनीकी खराबी की वजह से फीडर बंद पड़ा है।
सूचना मिलने के बाद विद्युत निगम के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और फीडर को बंद करवाकर लाइन को चालू करने का काम शुरू कर दी। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के उपरांत साढे़ चार बजे बिजली सप्लाई को चालू किया गया। जिसके उपरांत लोगों ने राहत की सांस ली।
बिजली गुल का खामियाजा भुगत रहे मेटल व्यापारी
द जगाधरी मैटल मैन्युफैक्चर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा का कहना है शहर में बिजली की व्यवस्था दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है। आए दिन शहर में कहीं न कहीं तकनीकी खराबी, तो कभी कट की वजह से बिजली गुल हो जाती है। जिसका खामियाजा बर्तन व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं मैटल फैक्टरी संचालक प्रमोद कुमार, राजेश कुमार, विजय कुमार का कहना है कि बिजली गुल होने की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि अगर वे जनरेटर सेट पर मशीनों को चलाते हैं, तो सामान की लागत बढ़ जाती है। जो कि उनके लिए संभव नहीं है। बिजली के बिना मजदूरों को खाली बैठना पड़ता है। एक बार बिजली गुल होने पर उनका हजारों रुपए का नुकसान होता है। इसके अलावा गलाई की भट्टी को फिर से चालू करने में काफी समय लग जाता है।
फैक्टरी मालिक बोले -धंधा हो रहा चौपट
मुखर्जी पार्क, सुभाष नगर तथा प्रकाश चौक के क्षेत्र में मैटल व गलाई की यूनिट्स हैं। जो कि बिजली पर निर्भर रहती है। रविवार को फीडर ब्रेक डाउन होने की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कतें बर्तन फैक्टरी संचालकों को उठानी पड़ रही है। बर्तन व्यापारी योगेश कुमार, अजय शर्मा तथा विक्रांत कुमार का कहना है कि आए दिन बिजली गुल हो जाती है। जिस कारण उन्हें हजारों रुपए का नुकसान उठाना पड़ता है। बिजली गुल होने के कारण समय पर माल तैयार करने में परेशानिया होती है। एक बार बिजली गुल होने पर सबसे ज्यादा गलाई का काम प्रभावित होता है। क्योंकि मशीन को फिर से गर्म करने में घंटों लग जाते हैं।
पेयजल सप्लाई न होने से बढ़ी मुश्किलें
गौरी शंकार कालोनी निवासी शैलजा त्यागी,दुर्गेश शर्मा, प्रवेश शर्मा, निर्मल शर्मा तथा नीरज शर्मा का कहना है कि दोपहर के समय पेयजल की सप्लाई न होने की वजह से उन्हें रोजमर्रा के काम निपटाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी की टंकी खाली होने की वजह से उनकी मुश्किलें ज्यादा बढ़ी नजर आई। दुर्गेश व शैलजा ने बताया कि आए दिन बिजली गुल रहने की वजह से उन्हें की मुश्किलें बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार तो बिजली इतनी ज्यादा देर तक गुल रहती है कि इनवर्टर भी जवाब दे जात हैं। जिस कारण उनकी परेशानियां ज्यादा बढ़ जाती है।