संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। भीषण गर्मी व लू से बचने के लिए प्रशासन लोगों को दोपहर 12 से शाम चार बजे तक बाहर न निकलने की अपील कर रहा है, लेकिन बिजली के अघोषित कट लोगों को चैन नहीं लेने दे रहे हैं। प्रचंड गर्मी व लू से बचने के लिए लोग बाहर निकल से परहेज कर रहे हैं और अघोषित कटों से घर के भीतर रहना भी मुश्किल हो रहा है।
बिजली कट के कारण रात को भी यही समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को रात में भी सुकून नहीं मिल पा रहा है। कई-कई बार में तीन से चार घंटे के कट लग रहे हैं। वहीं, बिजली निगम कार्यालयों में शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। हर दिन बिजली दफ्तरों में 500 से 600 शिकायतें पहुंच रही हैं।
लोगों का कहना है कि बिजली कटों का कोई निर्धारित समय नहीं है। कभी सुबह तो कभी दोपहर और रात में अचानक बिजली चली जाती है, जिससे दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। कई क्षेत्रों में बार-बार ट्रिपिंग की समस्या भी बनी हुई है। कट के कारण इनवर्टर भी पूरी तरह चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। गर्मी के कारण पंखे, कूलर और एसी बंद होने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वहीं, बिजली संकट का असर कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बाजारों में दुकानदारों को जनरेटर के सहारे काम चलाना पड़ रहा है। जनरेटर चलाने से अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है, जिससे व्यापारियों में रोष है। बिजली न होने के कारण डेयरी, मिठाई, बेकरी, केक शॉप, कोल्डड्रिंक, आइसक्रीम पार्लर संचालकों को ज्यादा दिक्कत हो रही है।
दुकानदारों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से फ्रीज में कूलिंग नहीं बन पा रही है। कूलिंग न होने से दूध, पनीर, खोया, दही, केक, पेस्ट्री, मिठाइयां इत्यादि खराब होने का डर सता रहा है। वहीं, शीतल पेय व खाद्य पदार्थ ठंडे नहीं हो पा रहे हैं, जिसका असर बिक्री पर पड़ रहा है। लोगों ने मांग की है कि निगम अघोषित कटों पर रोक लगाए और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि भीषण गर्मी में राहत मिल सके।
उधर, बिजली निगम अधिकारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है। ओवरलोड के कारण कई जगह तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। अधिकारियों ने दावा किया कि शिकायतों का जल्द समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।