आसमान से गिरा पानी किसानों की आंख से आंसू बनकर निकल रहा है। बेमौसम की बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वीरवार को जहां ओलावृष्टि हुई। वहीं रात को तेज बारिश हुई। रात को बारिश होने से लोगों को ज्यादा परेशानी तो नहीं हुई, लेकिन इससे कई कॉलोनियों में पानी भर गया। जो सुबह तक जमा रहा। एक सप्ताह से मौसम की बेरूखी लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है। वीरवार रात भारी बारिश के साथ शहर में करीब तीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चली। जबकि कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा रही। इस दौरान कई जगह भारी भरकम पेड़ भी गिर गए। शुक्रवार सुबह मौसम खुला और खुशनुमा धूप खिली। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन पूरा दिन सूरज की बादलों के पीछे से आंख मिचौली चलती रही। दोपहर बाद बूंदाबांदी शुरू हुई, जो शाम को तेजी बारिश में बदल गई। इस दौरान बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। छुट्टी का समय होने के कारण बारिश के चलते लोग जल्दबाजी में घर जाते दिखे। बाजार भी सूने रहे। दुकानदार भी बहुत जल्दी दुकानें बंद करके चले गए।
बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। धूप निकलने के कारण बिना गर्म कपड़े पहनकर निकले लोग शाम को ठिठुरते नजर आए। धूप में जहां तापमान 17 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं बारिश के दौरान तापमान 13 डिग्री पर पहुंच गया। जबकि रात को न्यूनत्तम तापमान 10 डिग्री रहा। यह तापमान जनवरी की सर्दी में रहता है। तापमान गिरने से सर्दी काफी बढ़ गई और ठिठुरन हो गई।
देर रात झमाझम बारिश के कारण शहर की कईं कॉलोनियों में पानी भर गया। अल सुबह तक जारी बारिश के कारण दिनभर गलियों में पानी जमा रहा। इस दौरान लोगों को गुजरने में परेशानी हुई। सबसे ज्याद परेशानी स्कूल कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को हुई। वहीं बोर्ड की परीकोषा देने वाले विद्यार्थियों को भी इस दौरान दिक्कत झेलनी पड़ी। शाम को शुरू हुई बारिश में दोपहिया वाहन रेंगते नजर आए। चूंकि हेलमेंट व नंगी आंखों पर पानी पड़ने के कारण देखने में परेशानी हुई।
प्रताप नगर में गांव ताहरपुरकलां में अलसुबह उस समय चीख पुकार मच गई। जब तड़के तीन बजे एक के बाद एक तीन भारी पेड़ एक घर पर गिर गई। जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनकर घर के लोगों सहित पड़ोसी भी जाग गए। देखा तो घर पर पेड़ गिर गए। वहीं सड़क किनारे भी पेड़ गिरने से लिंक रोड बंद हो गए। ताहरपुर कलां निवासी अंकुश ने बताया की अलसुबह तीन बजे उसे अपने घर की छत पर कुछ भारी-भरकम चीज गिरने की आवाज सुनी। जिससे सो रहे घर के सभी सदस्य जाग गए। कुछ देर बाद दोबारा फिर छत पर कुछ गिरने की आवाज सुनी। जिससे सुनकर सभी परिवार वाले भागकर बाहर निकले। उनके बाहर निकलते ही फिर घर की छत पर सफेदे का पेड़ टूट कर गिर गया। अंकुश ने बताया की पेड़ गिरने से उसके घर की छत एक तरफ से टूट गई। वहीं छत पर रखी पानी की टंकी, आंगन में रखी वाशिंग मशीन भी टूट गई। अंकुश का कहना है की पेड़ गिरने से उसका लाखों रुपये का नुकसान हो गया। वहीं घर के पास खड़ी गेहूं की फसल भी खराब हो गई।
अंकुश और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने वन विभाग को पत्र लिखकर उनके गांव में भारी-भरकम ओवरसाइज और तिरछे खड़े पेड़ों को कटवाने के लिए लगभग एक साल पहले सूचना दी थी। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। रेवेन्यू डिपार्टमेंट से हल्का पटवारी संत कुमार ने बताया कि सेवाराम निवासी ताहरपुर, अंकुश राठी, सेवा सिंह, सोहन सिंह, गुरचरण सिंह, बलवंत सिंह निवासी ताहरपुर कलां और हैदरपुर से मोहम्मद असलम, मुस्ताक अली और बलिंद्र कुमार के कच्चे घरों की छत और छत पर पेड़ गिरने से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर उन्होंने उच्चाधिकारियों को भेज दी है। कलसिया रेंज से वन विभाग के अधिकारी सुशील शर्मा ने बताया कि कोट से हैदरपुर साइड में तेज आंधी आने के कारण काफी पेड़ टूटकर गिर गए हैं। मौके पर पहुंच कर उन्होंने टूटे पेड़ों को हटाने और पेड़ों से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों के पास भेज दी है। मशीन मंगवाकर पेड़ काटकर सड़क से हटाए गए हैं। जिससे आवाजाही सुचारू रुप से चल सके।
गांव डमोली में एक बिजली का खंभा घर की छत पर गिर गया। गनीमत रही बारिश और तूफान के कारण तारों में करंट नहीं था। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। बिजली का खंभा गिरने से घंटों बिजली बाधित रही। ग्रामीणों ने बिजली विभाग को सूचित किया। अजात आश्रम बनियावालां में नवनिर्मित गौशाला का शेड भी तेज हवा में उड़ गया। गौशाला बनियावालां में शेड का निर्माण कार्य कराया गया है। जिस पर करीब 15 लाख रुपये खर्च किए जा रहें हैं। इससे पहले भी यह शेड एक बार हवा में उड़कर गिर चुका है। बीती रात भी तेज आंधी से गौशाला का शेड उड़ गया और टूटकर नीचे गिर गया।