संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आयुष्मान भारत योजना के तहत जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त इलाज करने वाले निजी अस्पतालों को छह माह से भुगतान नहीं मिला है। इसके विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) हरियाणा के आह्वान पर जिले के निजी अस्पताल 31 अगस्त की रात 12 बजे से 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल पर चले गए।
मंगलवार को निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार और सर्जरी नहीं की जाएगी। मंगलवार को जिन मरीजों की सर्जरी निर्धारित थी, उन्हें बुधवार या इसके बाद का समय दिया गया है। आईएमए ने भुगतान नहीं होने पर 16 सितंबर से आयुष्मान योजना के तहत उपचार पूरी तरह बंद करने की चेतावनी भी दी है।
जिले में करीब सात लाख सात हजार से अधिक पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिले के 36 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के पैनल पर हैं। आईएमए के अनुसार, इन अस्पतालों के माध्यम से आयुष्मान योजना के तहत अब तक करीब 52 करोड़ रुपये का इलाज किया जा चुका है। इसका भुगतान पिछले करीब छह माह से अटका हुआ है। अस्पताल संचालकों का कहना है कि इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन योजना के तहत मिलने वाली राशि और भुगतान की व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
आयुष्मान भारत योजना के जिला प्रतिनिधि डॉ. जेके गुलाटी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में महंगाई काफी बढ़ी है। मेडिकल उपकरणों, दवाइयों और उपचार से जुड़े अन्य खर्चों की दरें भी बढ़ चुकी हैं। इसके बावजूद आयुष्मान योजना के तहत विभिन्न उपचारों के लिए सरकार की ओर से निर्धारित राशि में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे निजी अस्पतालों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों को मरीजों का इलाज करने के लिए डॉक्टर, स्टाफ, दवाइयों और उपकरणों समेत कई तरह के खर्च उठाने पड़ते हैं। भुगतान में देरी होने से अस्पतालों के लिए योजना के तहत सेवाएं जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
15 दिन में होना चाहिए भुगतान : डॉ. सुनीला सोनी
आईएमए हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनीला सोनी ने कहा कि अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। योजना के तहत जिस उपचार का भुगतान मरीज के अस्पताल से छुट्टी होने के 15 दिन बाद हो जाना चाहिए, उसकी राशि छह माह बाद भी नहीं मिली है। इसलिए डॉक्टर 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल पर चले गए हैं।