माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर जिले के ट्रांसपोर्टरों ने बुधवार को बैठक की। बैठक में गाड़ी भरने और खाली करने का खर्च नहीं देने का निर्णय लिया गया।
जिला इकाई के अध्यक्ष प्रवीण कंबोज की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने एकमत से इस फैसले पर अपनी सहमति जताई। प्रधान कंबोज ने कहा कि परिवहन क्षेत्र अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है और हमें परिवहन व्यवसाय में निहित कमजोरियों को दूर करने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन और विभिन्न तरह के प्रतिबंधों ने अर्थव्यवस्था, खपत और मांग को कमजोर कर दिया है। वहीं डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रक वाले के माल भाड़े से जबरन लोडिंग और अनलोडिंग चार्ज, चाय पानी, डाला, गद्दी, कांटा पर्ची, मुंशियाना इत्यादि काट लिए जाते हैं। यह न तो तर्कसंगत और न ही नैतिक है। यह गाड़ी वालों का शोषण है। यह परिवहन संचालन की आर्थिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी ने छोटे ट्रक ऑपरेटरों को तबाह कर दिया है।
ट्रक ड्राइवरों और ऑपरेटरों को बचाने के लिए एआईएमटीसी सर्वसम्मति से अव्यवहारिक खर्च बंद करने का फैसला लिया है। गाड़ी वालों को केवल सामान ट्रांसपोर्ट करने का भाड़ा मिलता है। गाड़ी भरने और खाली करने वालों का खर्च देने का दायित्व सामान के मालिक का होता है।
बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि फैक्टरी में जब माल तैयार हो तभी गाड़ी मंगवाएं। कुछ फैक्टरी मालिक कई दिन पहले गाड़ी मंगवा लेते हैं। ऐसे में मोटर मालिक को नुकसान उठाना पड़ता है। बैठक में मुद्दों पर जताई गई सहमति की एक प्रति जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और कराधान विभाग के जिला अधिकारी के पास भेजी गई है। इस मौके पर ताराचंद सैनी, गुरबाज पहलवान, केएफसी से बाली कंबोज, श्याम मेहता, बंटी, कीर्ति शर्मा, राजू, प्रिंस, उमेश कंबोज, लखी खत्री, दीपक आदि मौजूद रहे।