वर्कशॉप रोड पर बैंक ऑफ इंडिया के बाहर नारेबाजी करते कर्मचारी। संवाद
यमुनानगर। सरकारी बैंकों की हड़ताल का असर मंगलवार को जिले में साफ नजर आया। शनिवार, रविवार और 26 जनवरी की छुट्टी के चलते पहले से ही तीन दिन बैंक बंद थे। मंगलवार को हड़ताल होने से लगातार चौथे दिन भी बैंक नहीं खुल सके। इसका सीधा खामियाजा आम बैंक उपभोक्ताओं से लेकर उद्योगपतियों तक को भुगतना पड़ा।
जिले में करीब 70 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान बैंक अधिकारियों ने लगाया है। जिला में 12 सरकारी बैंकों की 200 ब्रांच बंद रही। सभी बैंक बुधवार को रोजमर्रा की तरह खुले रहेंगे। सुबह से ही लोग अपने रोजमर्रा के कामों के लिए बैंकों में पहुंचते रहे, लेकिन हर जगह ताले लटके मिले। कई लोग चेक क्लियर कराने, नकदी निकालने, जमा करने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बैंक पहुंचे थे। बाहर ताले देखकर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। बुजुर्ग, महिलाएं और दूर-दराज से आए ग्रामीण उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। उद्योग और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी यह हड़ताल बड़ी मुश्किल बनकर सामने आई। उद्योगपतियों का कहना है कि भुगतान अटकने से कच्चे माल की खरीद, मजदूरी भुगतान और अन्य कारोबारी लेनदेन प्रभावित हुए हैं। कई फैक्टरियों में कर्मचारियों को वेतन देने की तारीख नजदीक होने के कारण नकदी की जरूरत थी, लेकिन बैंक बंद होने से परेशानी बढ़ गई।
सरोजनी कॉलोनी निवासी अशोक ने बताया उसका खाता मॉडल टाउन के पीएनबी ब्रांच में है। उसे बैंक में एक चेक लगाना था, लेकिन वहां गया तो बैंक के बाहर कर्मचारी नारेबाजी कर रहे थे और ब्रांच पर ताला लगा था। बैंक बंद होने से उसका चेक क्लीयर नहीं हो सका। इसी तरह चमन लाल ने बताया कि पांच फरवरी को उसकी बेटी की शादी है। शादी के लिए सामान खरीदना पड़ रहा है। इसलिए वह रुपये निकालने के लिए बैंक में गया था, लेकिन ब्रांच बंद मिली। पहले ही तीन दिन से बैंक बंद थे।