बारिश के कारण अंबाला, सहारनपुर रूट पर रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। कई यात्री ऐसे हैं कि जो दो दिन से स्टेशन पर फंसे हैं। वहीं रेलवे ने भी स्टेशन पर फंसे यात्रियों की सुध नहीं है।
यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन से आगे के लिए कोई ट्रेन नहीं मिलने से यात्री फंस कर रह गए हैं। यहां से निकलने की उम्मीद से लोग बस स्टैंड पर पहुंचे, लेकिन यहां से भी उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। सहारनपुर की तरफ यमुना नहर व नदी और अंबाला की तरफ मारकंडा व घग्गर नदी में बाढ़ आने से दोनों रूट प्रभावित हैं। इन रूट के लिए बस नहीं मिल पा रही है।
ऐसे में यात्रियों को निजी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। आसपास के लोग तो रिश्तेदारों व बंधुओं को बुलाकर घर जा रहे हैं, लेकिन दूर के यात्री यहीं फंस गए हैं। वे न वापस जा सकते हैं और न आगे बढ़ सकते हैं। यात्री स्टेशन पर ही रात गुजारने को मजबूर हैं। वहीं रेलवे की ओर से यात्रियों के लिए कोई बंदोबस्त भी नहीं किया गया है।
दिन में किसी तरह लोगों को बाजार में खाना पीना मिल जाता है, लेकिन रात को बाजार बंद होने के बाद स्टेशन पर केवल चाय पीकर गुजारा करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे बच्चों व नवजात के साथ सफर करने वाली महिलाओं को हो रही है। उन्हें बच्चों के लिए दूध तक नहीं मिल पा रहा है। वहीं शिशु को मां खुले में दूध पिलाने को मजबूर हैं।
कांवड़ यात्रा अंतिम चरण में है। इन दिनों हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले भक्तों की संख्या ज्यादा होती है। जलाभिषेक से पांच छह दिन पहले जिले व आसपास क्षेत्र के शिवभक्त कांवड़ लेने हरिद्वार के लिए रवाना होते हैं। अधिकांश कांवड़िये ट्रेन से हरिद्वार जाते हैं। कांवड़िये ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंच रहे हैं, लेकिन मायूस लौट रहे हैं। यही नहीं गुमथला, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पिहोवा, लाडवा, बराड़ा इत्यादि क्षेत्रों के कांवड़िये भी यमुनानगर जगाधरी स्टेशन से हरिद्वार के लिए ट्रेन पकड़ते हैं। परंतु ट्रेन न होने के कारण दूर के कांवड़िये यहां फंस कर रह गए हैं। ऐसे में वे कई किलोमीटर का पैदल सफर कर सरसावा पहुंच रहे हैं, ताकि उन्हें बस व ट्रेन मिल सके।
ज्यादा पानी आने के कारण ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा है। इस रूट पर ज्यादा दिक्कत है, जिस कारण इस रूट पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है। पानी उतरने के बाद ट्रैक की जांच होगी और फिर ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। उम्मीद है बुधवार तक स्थिति कुछ हद तक सुधर जाएगी।
- मनजीत सिंह भाटिया, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल।