जगाधरी। सर्व कर्मचारी संघ व हरियाणा मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारियों ने जिला सचिवालय परिसर में प्रदर्शन किया। जिन्होंने सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महिपाल सौदे की अगुवाई में नगराधीश जसपाल सिंह गिल को ज्ञापन सौंपा। इसमें लिपिक वर्ग का वेतन 35400 के हिसाब से देने की मांग की गई। प्रदर्शन का संचालन उपप्रधान प्रवेश परोचा ने किया। रिटायर्ड कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान जरनैल सिंह सांगवान व सर्व कर्मचारी संघ के राज्य सचिव मांगेराम तिगरा ने कर्मचारियों से कहा कि हरियाणा मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन ने 477 दिन कुरुक्षेत्र में धरना दिया।
उस धरने के चलते कई प्रदर्शन किए और विधानसभा का घेराव किया और हड़ताल भी की। इसके दबाव में 25 अगस्त 2014 में पंजाब के समान वेतनमान का फैसला हुआ। जो सातवें वेतन आयोग में 35400 बनता है। हरियाणा मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन ( हमसा ) के नेता रजनीश शर्मा व विक्रम ने बताया कि भाजपा ने पंजाब के समान वेतनमान के कैबिनेट के फैसले की पूरी जांच कर अपने चुनावी घोषणा पत्र में लिया और भाजपा की सरकार बनते ही कैबिनेट के फैसले पर समीक्षा के नाम से रोक लगा दी। वर्ष 2015 में भाजपा ने पंजाब के समान वेतनमान के लिए जी माधवन आयोग की कमेटी का गठन किया। कमेटी ने भी सिफारिश की हरियाणा के मिनिस्ट्रियल स्टाफ और पुलिस के कर्मचारी पर पंजाब के समान वेतन लागू होना चाहिए। जिस अनुसार आज सातवें वेतन आयोग में लिपिक का वेतन 35400, सहायक, आंकड़ा सहायक व स्टेनोग्राफर का वेतन 44900, उपाधीक्षक का 47600 व अधीक्षक का 56100 वेतन होना चाहिए। सर्व कर्मचारी संघ जिला वरिष्ठ उपप्रधान राकेश धनखड़ ने कहा कि यदि सरकार ने दो दिन में नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो आंदोलन को सर्व कर्मचारी संघ और तेज करेगा।
मौके पर कुलदीप राणा, सतप्रकाश, वीरेंद्र कुमार, हितेश कुमार, शिव कुमार, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के कोषाध्यक्ष सतीश कुमार, रिटायर्ड संघ से विनोद त्यागी, जोत सिंह रावत, प्यारे लाल तंवर, सतीश राणा, महिपाल चंमरोड़ी, सीटू से रामकुमार कांबोज, यमुनानगर ब्लॉक प्रधान प्रेम प्रकाश, रादौर से एसकेएस ब्लॉक प्रधान दिनेश तंवर, प्रतापनगर से एसकेएस ब्लॉक प्रधान रजत, एचएसवीपी से सर्कल सचिव गोकुल प्रसाद, आंगनबाड़ी से सुनीता सुघ, सुनीता करहेड़ा व अन्य मौजूद रहे।