संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से ओवरलोड वाहनों और अतिक्रमण के कारण लोगों का दिनभर का सफर मुसीबत में बदल गया है। खासकर जगाधरी मार्ग पर कृष्णा अस्पताल से लेकर चौराही मोड़ और आगे चंदाखेड़ी मोड़ तक भारी वाहनों की लगातार आवाजाही ने पूरे कस्बा की यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त कर दी है।
सुबह-शाम तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब शिव चौक से चौराही मोड़ के बीच रोजाना लंबा जाम लग रहा है। हालात ऐसे हैं कि कुछ मिनटों की दूरी तय करने में आधे घंटे से अधिक का समय लग रहा है। समस्या से बचने के लिए कुछ वाहन चालक अग्रसेन चौक और पुलिस स्टेशन के पास से गलियों से निकल रहे हैं, लेकिन इससे इन तंग रास्तों पर भी बार-बार जाम की स्थिति बनने लगी है।
स्थानीय निवासी अशोक धीमान, सुनील कुमार, रणजीत सैनी, कमल कुमार, रमन कुमार संदीप कुमार, रोबिन अग्रवाल व डॉ. सुभाष ने बताया कि मिट्टी, रेत, बजरी से भरे ओवरलोड डंपरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये डंपर न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि तेज रफ्तार से गुजरते समय उठने वाली धूल से वातावरण प्रदूषित हो रहा है।
दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि धूल के कारण आंखों में जलन, खांसी और सांस संबंधी परेशानियां आम हो चुकी हैं। छोटा बस स्टैंड क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पंचायत द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई फिरनी भी अब ओवरलोड डंपरों की चपेट में है।
दिनरात भारी वाहन गुजरने से पाल और सैनी मोहल्ले के लोग धूल और शोर से त्रस्त हैं। रात को भी शांति से सो पाना मुश्किल हो गया है।
गन्ने से भरे ट्राले और ट्रैक्टर धीरे-धीरे चलने के कारण सड़क पर लंबी कतार लगा देते हैं, जिससे कई बार घंटों जाम लगा रहता है। जगाधरी मार्ग से चौराही मोड़ तक डेढ़ किलोमीटर लंबे रास्ते पर पुलिस कर्मियों की अनुपस्थिति भी जाम की बड़ी वजह है। चार बड़े चौराहे होने के बावजूद यहां कोई यातायात नियंत्रण नहीं है।