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ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से दो सैन्य अफसरों की मौत

Sat, 31 May 2014 10:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर।
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ताजेवाला चेक पोस्ट के समीप ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से कार में सवार अंबाला कैंट के दो लेफ्टिनेंट अफसरों की मौत हो गई। हादसे में दो लेफ्टिनेंट गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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उनका अंबाला कैंट स्थित सैन्य अस्पताल में उपचार चल रहा है। ये सभी सेना के अस्पताल में ही लेफ्टिनेंट के पद पर हैं और साथ ही अपनी डॉक्टरी की इंटर्नशिप भी कर रहे थे। पुलिस ने दोनों शवों को यमुनानगर के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।

उधर, आरोपी ट्रैक्टर चालक हादसे को अंजाम देने के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली छोड़ मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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ऐसे हुआ हादसा
चारों आर्मी अफसर अमृतसर निवासी लेफ्टिनेंट डॉ. भावना मलिक, उड़ीसा के जिला ढेकननाल के गांव अनारपुर निवासी लेफ्टिनेंट डॉ. सोम्य राजन डी सावंता, केरल निवासी लेफ्टिनेंट डॉ. देवदत्त वेणुगोपाल व वेस्ट बंगाल निवासी लेफ्टिनेंट डॉ. दिपांजन देवनाथ शुक्रवार को किसी पार्टी में भाग लेने गए हुए थे। मध्यरात्रि वैगेनार कार में वापस अंबाला कैंट की ओर आ रहे थे।

जैसे ये अफसर कार में एनएच-73 पर ताजेवाला हेड के पास अराइयां वाला गांव के नजदीक एक पेट्रोल पंप के पास पहुंचे। वहां पेट्रोल पंप से एक ट्रैक्टर ट्रॉली तेल भरवाकर अचानक सड़क पर आ गई। उधर, तेज रफ्तार वैगेनार में सवार इन अफसरों ने जैसे ही अपने आगे अचानक ट्रैक्टर ट्रॉली को देखा तो उनकी कार अनियंत्रित हो गई। सामने ट्रैक्टर ट्रॉली से बचने के चक्कर में आर्मी अफसरों की कार वहीं तेज रफ्तार से साइड लेती हुई सड़क के किनारे खड़े ट्रैक्टर ट्रॉली में जा भिड़ी।

हादसे में चारों गंभीर रूप से तरह घायल हो गए। सभी को वहीं एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां लेफ्टिनेंट भावना मलिक और लेफ्टिनेंट एसआरडी सांवता ने दम तोड़ दिया, जबकि लेफ्टिनेंट देवदत्त और लेफ्टिनेंट डी. देवनाथ को गंभीर हालत में अंबाला सेना अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

मृतक भावना मलिक के भाई सौरभ ने बताया कि उसकी बहन पुणा से एमबीबीएस कर रही थी। इंटर्नशिप के लिए अंबाला के सेना अस्पताल में आई थी। उसे नहीं पता कि शुक्रवार रात वह कहां जा रही थी। उसका कहना है कि भावना उसकी इकलौती बहन थी। उसका पिता गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर में प्रोफेसर हैं।

फिर देर से पहुंची एंबुलेंस
हादसे के वक्त ताजेवाला चेक पोस्ट पर तैनात ब्लॉक फोरेस्ट अफसर बलदेव सिंह ने बताया कि वह उपने साथी वन दरोगा जसवंत सिंह के साथ नाके पर जांच कर रहे थे। जैसे ही दुर्घटना होने पर तेज आवाज आई, वह तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। बलदेव सिंह ने बताया कि अराईयांवाला पेट्रोल पंप पर एक ट्रैक्टर ट्रॉली चालक तेल डलवाकर नेशनल हाईवे पर आ रहा था और एक ट्रैक्टर ट्रॉली बीच सड़क पर खड़ी थी।

अचानक ट्रैक्टर के सड़क पर आ जाने के कारण खिजराबाद की तरफ से आ रही कार सड़क पर खड़ी ट्राली से टकरा गई। कार चालक से साथ अगली सीट पर बैठी महिला डॉक्टर को गंभीर चोटें आईं। उसके सिर व मुंह से खून बहने लगा तुरंत एंबुलेंस को सूचित किया। उसका कहना है कि जब तक एंबुलेंस पहुंचती उसने दम तोड़ दिया था। उसका कहना है कि उसके बाद खिजराबाद और यमुनानगर एंबुलेंस पर और हेल्पलाइन पर मदद के लिए फोन किया। काफी देर तक भी जब कोई नहीं पहुंचा तो उन्हें कार की खिड़की तोड़ सभी को बाहर निकाला।

अफसरों में शोक की लहर
इस हादसे के बाद अंबाला सेना अस्पताल के अफसरों व स्टाफ में शोक की लहर है। मृतकों के शवों को भी अंबाला सेना अस्पताल लाया गया। उसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।
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