संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर खंड प्रतापनगर में हिमाचल की पहाड़ियों की तलहटी में 11570 एकड़ में बसा खूबसूरत कलेसर नेशनल पार्क सैलानियों के लिए एक अक्तूबर को खोल दिया जाएगा। इस तारीख से दोबारा जंगल सफारी शुरू हो जाएगी। अभी तक बारिश के सीजन की वजह से यह सफारी बंद पड़ी है।
जंगल सफारी की दोबारा से शुरूआत होने से सैलानी इसका पूरा लुत्फ उठा सकेंगे। साथ ही, अपने कैमरों में जंगल में विचरण करने वाले सुंदर जानवरों को अपने मोबाइल में कैद करने का मौका मिलेगा। हरियाणा के अलावा, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश इत्यादि राज्यों से सैलानी जंगल सफारी करने पहुंचते हैं।
सैलानियों को छह चरण में सफारी कराई जाती है। इससे वन्य प्राणी विभाग को भी राजस्व प्राप्त होता है। उल्लेखनीय है कलेसर नेशनल पार्क बहुत ही खूबसूरत पर्यटन स्थल है। इसे सीमा तीन राज्यों हिमाचल, उत्तरांचल और उत्तरप्रदेश से लगी हुई है। यहां बने कलेसर मठ (शिव) मंदिर के नाम पर इस पार्क का नामकरण हुआ है।
कलेसर जंगल में दुर्लभ प्राणी भी देखने को मिलते हैं। इस जंगल सफरी में तेंदुए, सांबर, बिल्ली, चित्तल, नीलगाय, भालू, जंगली धब्बेदार बिल्ली, हाथी, लंगूर, बंदर, जंगली मुर्गे जैसे अन्य जानवरों की प्रजातियां हैं। जंगली सुअर और मोंगोज भी यहां पाए जाते हैं। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से भी कई बार बाघ और हाथी इस क्षेत्र में आ जाते हैं। वहीं सैलानियों को भी यह पर्यटक स्थल खूब पसंद रहा है। खासकर छुट्टियों में जंगल सफारी के लिए पहले से भीड़ बढ़ने लगती है।
वर्जन
बारिश के कारण जंगल सफारी बंद है। मौसम ठीक रहा तो एक अक्तूबर से जंगल सफारी शुरू हो जाएगी। सैलानियों को यहां का जंगल काफी पसंद आता है। उन्हें नजदीक से खूबसूरत पक्षी व जानवरों को देखने का मौका मिलता है। - लीलू राम, इंस्पेक्टर, वन्य प्राणी विभाग।