संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। व्यासपुर-सढौरा मार्ग पर सरस्वती नदी के किनारे स्थित अजात आश्रम के महंत कृष्णानंद सरस्वती व गणमान्य लोगों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नायब सैनी से चंडीगढ़ में मिला। प्रतिनिधिमंडल अजात आश्रम के पास से गुजर रही सरस्वती नदी की बदहाली के बारे में जानकारी दी।
महंत कृष्णानंद सरस्वती ने बताया कि सरस्वती हेरिटेज बोर्ड, जिले के अधिकारी, नेताओं की ओर से कई बाद आश्रम का दौरा किया गया। सरस्वती नदी को साफ स्वच्छ करने, सरोवर बनाने, पार्क बनाने, झील बनाने, बड़ा गेट लगाने सहित कई आश्वासन दिए परंतु धरातल पर कुछ नहीं किया। अनेक बार अधिकारियों के समक्ष मांग उठाने पर केवल आश्वासन देकर भेज दिया जाता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आश्रम में आने का निमंत्रण दिया और कहा कि वह व्यासपुर में हो रही सरस्वती की बदहाली का नजारा स्वयं देखें। महंत ने व्यासपुर साढौरा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बस क्यू शेल्टर बनाने की मांग रखी। व्यासपुर बस स्टैंड से श्रद्धालुओं को एक किलोमीटर पैदल चलकर आना पड़ता हैं।
हरियाणा रोडवेज व निजी परिवहन समिति के बसें आश्रम पर नहीं रूकती। जिससे श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान भाजपा सरकार सरस्वती नदी के उत्थान को लेकर योजना बना कर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। लेकिन, व्यासपुर में सरस्वती नदी की साफ सफाई न होने से श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही हैं।
महंत ने गंदा पानी सरस्वती नदी में न गिराने जाने, रिटर्निंग वाल को आश्रम से पुल तक बनाने, अजात आश्रम में स्थित सरस्वती मंदिर का जीर्णोद्धार करने, आश्रम के समीप सरस्वती कुंड बनाने व व्यासपुर साढौरा मार्ग पर बस क्यू शेल्टर बनाने की मांग रखी। सीएम ने उनकी बात को ध्यान से सुना और कहा कि वह जल्द ही वह व्यासपुर में सरस्वती अजात आश्रम का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री से मिलने वालों में मुख्य रूप से चंद्रमोहन कटारिया, शिव कुमार कौशिक ढलौर, सरदार ज्ञान सिंह, सुमन कुमार, बचना राम मुख्य रूप से शामिल रहें।