संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज के नेहरू अध्ययन केंद्र की ओर से रिविजिटिंग नेहरू विषय पर व्याख्यान करवाया गया। मुख्य वक्ता सेंट्रल यूनिवर्सिटी धर्मशाला स्थित सेंटर फाॅर कश्मीर स्टडीज के निदेशक प्रो. मलकीत सिंह ने छात्राओं को प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जीवन, उनके विचारों व कार्यों के बारे में बताया।
उन्होंने छात्राओं को नेहरू जी के योगदान व विचारों से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में पंडित नेहरू ने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ों आंदोलन में बढ़चढ़ कर भाग लिया था। पंडित नेहरू ने गुट निरपेक्ष आंदोलन के जरिए विदेश नीति को पंचशील के सिद्धांतों पर आधारित किया।
डॉ. मलकीत ने नेहरू जी की लिखित डिस्कवरी ऑफ इंडिया पुस्तक के बारे बताया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक भारत के इतिहास, संस्कृति और दर्शन की व्यापक समझ प्रदान करती है। उन्होंने लोकतंत्र की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, धर्म निरपेक्ष पर बल दिया। नेहरू जी नेआईआईटी, यूजीसी, एम्स, ओएनजीसी इत्यादि संस्थाओं की स्थापना की।
इस दौरान उन्होंने कश्मीर नीति, चीन नीति और केंद्रवाद के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू की नीतियां आज भी प्रासांगिक हैं। कॉलेज प्राचार्या डॉ. सुरिंद्र कौर व नेहरू अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ. मोनिका शर्मा के नेतृत्व में कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम डॉ. अमनप्रीत कौर व प्रिया कालड़ा की देखरेख में हुआ।