संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अंतरराज्यीय श्री कपालमोचन मेले के चलते यमुनानगर डिपो की की समय सारणी कल से बदल रही है। इससे मेले में श्रद्धालुओं को जाने व लौटने में आसानी होगी, पर दूसरे रूटों पर यात्रियों को परेशानी होगी।
डिपो की ऑनरूट रहने वाली 170 से 180 बसों में 70 से 80 बसें कल से मेले के रूटों पर लगाई जा रही हैं। इससे डिपो से संचालित दूसरे रूटों पर आम दिनों की तुलना में मेले के पहले चार दिन बसों के फेरे कम रहेंगे। मेले के अंतिम यानी पांचवें दिन लाखों श्रद्धालु पहुंचने पर डिपो की लगभग सभी बसों को मेले वाले रूटों पर लगाने की योजना है। यानी अगले पांच दिन लोगों के लिए मेले की राह आसान और अन्य रूटों की डगर कठिन होने वाली है।
हर वर्ष मेले में हरियाणा रोडवेज की यमुनानगर सहित अंबाला, कुरुक्षेत्र व अन्य डिपो की बसें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाई जाती हैं। इस बार यमुनानगर डिपो पर गत वर्ष की तुलना में करीब 70 बसें अधिक हैं, इसलिए मेले के लिए पहले से अधिक बसें चलाने की तैयारी है। गत वर्ष 60 बसें मेले के लिए चलाई गई थी, वहीं इस बार 70 से 80 बसें मेले में लगाने की योजना है।
मेले के लिए तैयार किए जा रहे बसों के रोटेशन में दिल्ली रूट पर बसों के पांच से सात समय कम करने का प्लान है। ऐसे ही चंडीगढ़, पांवटा, सहारनपुर के रूटों पर बसों से दो से तीन और अन्य रूटों से एक-एक व दो-दो बसों के समय कम किए जाने हैं। इससे इन रूटों के यात्रियों को अगले पांच दिन अपने-अपने गंतव्य पर आने-जाने में परेशानी हो सकती है।
कपाल मोचन मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिपो की बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए तैयारी की जा रही है। बसों को मेले के लिए तैयार किया जा रहा है।- भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो (हरियाणा रोडवेज)।