यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के नवनिर्मित भवन से वीरवार को एक बार फिर दीवारों पर लगी टाइलें गिर गई। इस बार टाइलें ब्लॉक ए व बी के बीच में खाली जगह पर रखे गए वाटर कूलर के ठीक पास गिरी। गनीमत रही कि जब टाइलें गिरी तो वहां पर कोई भी मरीज या उनका तीमारदार नहीं था। वरना तीसरी मंजिल से गिरी टाइलें किसी के लिए भी जानलेवा हो सकती थी। विदित हो कि इस साल में 13 मार्च से लेकर अब तक अस्पताल के नवनिर्मित भवन की बाहरी दीवारों से चार बार टाइलें गिर चुकी हैं।
ज्ञात हो कि 200 बेड के पांच मंजिला अस्पताल को बनाने पर स्वास्थ्य विभाग ने 105 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अस्पताल के निर्माण को गत माह ही एक साल पूरा हुआ है। 11 मई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अस्पताल के नए भवन का उद्घाटन किया था। इसके बाद से निर्माण कार्य को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इससे पहले 13 मार्च को ब्लॉक-ए में ऑक्सीजन प्लांट के पास टाइलें गिरीं थीं। इसके बाद 26 मार्च को ब्लॉक-बी में टाइलें गिरी और एक सीसीटीवी कैमरा भी टूट गया था। फिर 29 अप्रैल को टाइलें बाइक पर गिरी थी। इसमें एक कार व एक बाइक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कार तो अस्पताल की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर की थी, जबकि बाइक अस्पताल में बेटे को दवाई दिलाने आए जठलाना निवासी नितेश की थी। नितेश आज तक मुआवजे की मांग को लेकर अस्पताल में चक्कर काट रहा है। उस दिन भी बाइक सवार की कुछ सेकेंड से जान बच गई थी। वह बाइक के पास पहुंचा ही था कि टाइलें गिर गई थीं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों, उनके तीमारदारों के साथ-साथ ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों व कर्मचारियों में भी डर का माहौल है। इस संबंध में टाइलों में लगी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने के लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने पीडब्ल्यूडी को पत्र भी लिखा परंतु अभी तक इसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि यह चौथी बार है जब अस्पताल में टाइलें गिरी हैं। बार-बार टाइलें गिरने से डॉक्टर, स्टाफ व मरीज डरे हुए हैं। सरकार को अस्पताल में लगी निर्माण सामग्री की क्वालिटी की जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।