यमुनानगर। जिले के गांव जाटांवाला में गोकशी के मामले में अदालत ने आरोपी इनाम को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा और 30 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। यह मामला 7 जुलाई 2021 को सामने आया था, जब पुलिस को गांव में गोकशी की गुप्त सूचना मिली थी।
पुलिस के अनुसार, गांव के ही इनाम, इसरान, गालिब, तालिब, रज्जाक, कुर्बान और इनाम की पत्नी नईमा पर आरोप था कि वे मिलकर नकारा गायों को काटते और उनका मांस बेचते थे। पुलिस टीम के पहुंचते ही आरोपी मौके से फरार हो गए। इनाम के घर से 116 किलो गाय का मांस बरामद किया गया। मौके पर पहुंचे डॉक्टरों की टीम ने मांस की पुष्टि की और नमूने जांच के लिए बिलासपुर लैब भेजे गए थे।
आरोपी तालिब ने पूछताछ में बताया कि 6 जुलाई की शाम इनाम और कौशिक ने डारपुर गांव से 1500 में एक लाल रंग की गाय खरीदी थी। गाय को इनाम के घर बांधकर 7 जुलाई की सुबह करीब 1:30 बजे जंगल में ले जाकर गोकशी की गई। इस काम में तालिब, गालिब, रज्जाक, कुर्बान सहित कई अन्य लोग शामिल थे। कटा हुआ मांस पांच कट्टों में भरकर इनाम के घर लाया गया।
इनाम की पत्नी नईमा, मुरशिद और रज्जाक ने मांस को पैक किया और अलग-अलग लोगों को बेचा। 7 किलो मांस मुस्तकीम और वलीदीन को, जबकि 10 किलो मांस अकरम को दिया गया था। पुलिस ने 4 जून 2022 को इनाम को गिरफ्तार किया गया और उसे जिला जेल भेजा गया। जांच के दौरान रज्जाक, कुर्बान, नईमा, कौशिक और अकरम को बेकसूर पाया गया। आरोपी गालिब, इनाम, तालिब और वलीदीन के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर 4 अक्टूबर को अदालत में पेश की गई। संवाद