रिटायर्ड कर्मी के सिर पर बिंडा मारने वाले पिता व दो बेटों को तीन-तीन साल की कैद
गली में ट्रैक्टर खड़ा करने पर की थी मारपीट, तीनों दोषियों पर दो-दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। गली में ट्रैक्टर खड़ा करने पर हुए विवाद में रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी के सिर पर बिंडा मारकर घायल करने के मामले में दोषी पिता और उसके दो बेटों को अदालत ने तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया है।
सदर यमुनानगर थाने में इस संबंध में नौ मई 2019 को रतनगढ़ निवासी सतीश कांबोज की शिकायत पर आरोपी राजकुमार और उसके बेटों प्रदीप और ईश्वर के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। सतीश कांबोज ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके पिता रमेश कांबोज रेलवे से रिटायर्ड हैं। रात करीब नौ बजे उसके पिता और चाचा रिशिपाल ट्रैक्टर लेकर आए और उन्होंने गांव में मेहरचंद के मकान के साथ साइड में ट्रैक्टर खड़ा कर दिया। तभी वहां पड़ोस में रहने वाला राजकुमार और उसके बेटे प्रदीप और ईश्वर वहां आए। उन्होंने गली में ट्रैक्टर खड़ा करने का विरोध किया और रमेश कांबोज और रिशिपाल से गाली गलौज करने लगे। राजकुमार और ईश्वर ने रमेश कांबोज को पकड़ लिया और प्रदीप ने रमेश कांबोज के सिर पर बिंडा मार दिया। लहूलुहान रमेश कांबोज को इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच करने के बाद आरोपी राजकुमार और उसके बेटों प्रदीप और ईश्वर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। केस की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपियों को आईपीसी की धारा 325 के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।