यमुनानगर। स्टडी वीजा पर पति पत्नी को इंग्लैंड भेजने के नाम पर तीन आरोपियों ने 14 लाख रुपये हड़प लिए। आरोपियों ने उन्हें झांसा दिया कि वह कम खर्च पर उन्हें इंग्लैंड भेज देगा। इसके लिए वह उनका मॉरीशस का स्टडी वीजा लगवाकर वहां भेजेगा। बाद में वहां से इंग्लैंड भेजा जाएगा। आरोपियों ने उन्हें व्हाट्सएप पर टिकट व होटल की बुकिंग की पीडीएफ भी भेजी, लेकिन बाद में सब कुछ फर्जी निकला। न तो आरोपियों ने उन्हें विदेश भेजा और न ही उनके रुपये लौटाए। परेशान होकर पति पत्नी ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व इमिग्रेशन एक्ट में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सलेमपुर बांगर निवासी पूजा रानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अक्तूबर 2019 में वो और उसके पति विदेश जाना चाहते थे। इस दौरान उसकी मुलाकात करनाल के गांव धुमसी निवासी रजत सुरेण, गांव ननदी निवासी विरेंद्र कुमार, मोहाली निवासी विनोद कुमार से हुई थी। आरोपी रजत सरेण का लाडवा में स्टेनफोर्ड ओवरसीज के नाम से ऑफिस था। अब यह ऑफिस किसी दूसरे के नाम से चल रहा है। रजत सुरेण ने उसे बताया था कि वह उसे स्टडी वीजा पर दो साल के लिए मॉरीशस भेजेंगे और मॉरीशस जाने के छह महीने बाद आपको इंग्लैंड भेज दिया जाएगा। तब आरोपी रजत ने उनसे मॉरीशस से इंग्लैंड भेजने के नाम पर ढाई लाख रुपये की मांग की थी। उन्होंने आरोपी को एक लाख 95 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से दे दिए थे। बाकी के 45 हजार रुपये मॉरीशस की मुद्रा के रूप में दिए थे। मई 2020 में आरोपी उन्हें बताए बिना ही मॉरीशस चला गया। वहां जाकर आरोपी ने उनसे कहा कि यहां रहने खाने की सभी सुविधाएं मिलेगी। उनका कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसके बाद आरोपी ने उनके पास मॉरीशस से व्हाट्सएप पर कॉल की और उन्हें बोला कि उनका मॉरीशस का तीन महीने का स्टडी वीजा आ गया है। लाडवा ऑफिस में विरेन्द्र के पास रुपये लेकर चले जाओ। इसके बाद वे पांच लाख रुपये नकद लेकर विरेन्द्र के पास चले गए। वहां से आरोपी विरेंद्र उन्हें चंडीगढ़ में मोहाली निवासी विनोद के पास लेकर गया। वहां जाते ही विरेन्द्र ने उनसे 5 लाख रुपये लेकर विनोद कुमार को दे दिए। दो लाख रुपये आरोपी विरेन्द्र को गूगल पे भेज दिए। इसके बाद नौ मार्च को आरोपी रजत सुरेण ने उसके पति के फोन पर मॉरीशस से दुबई, दुबई से लंदन जाने के लिए एयर टिकट भेजी। अगले दिन होटल बुकिंग की पीडीएफ फाइल भेजी। टिकट भेजते ही आरोपी रजत ने उनसे आने जाने के लिए टिकटों का खर्चा बताकर दो लाख रुपये और लिए। इस तरह आरोपियों ने उनसे कुल 14 लाख रुपये विदेश भेजने के नाम पर ले लिए। लेकिन उन्हें इंग्लैंड नहीं भेजा। जब उन्होंने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया। यही नहीं आरोपियों ने धमकी दी कि यदि दोबारा उन्हें फोन किया तो उनके पास एक छोटा बच्चा भी है। आगे तुम खुद समझदार हो। इस शिकायत पर पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व इमिग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।