संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सीआईए वन ने चिप्पू गैंग के तीन बदमाशों को हथियारों समेत गिरफ्तार किया है। आरोपी लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल, कारतूस और एक कट्टा बरामद किया है। पूछताछ के दौरान पुलिस आरोपियों के अन्य नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास करेंगी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आशीष चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जठलाना निवासी अनीश उर्फ पम्मा, नफीस उर्फ चिता और इकराम उर्फ गुल्लू है। तीनों को पोंटा साहिब हाईवे पर निर्माणाधीन बाईपास के निकट संदिग्ध गतिविधियों के दौरान गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी केवल लूटपाट तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि सुपारी लेकर लोगों के साथ मारपीट करने और उनके पैर तोड़ने जैसी घटनाओं को भी अंजाम देते थे। गैंग का इस्तेमाल क्षेत्र में दहशत फैलाने और विरोधियों को सबक सिखाने के लिए किया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपी खतरी निवासी गैंग सरगना सचिन के लिए काम करते थे। सचिन के इशारे पर आरोपी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते थे। पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने पूर्व में किन-किन वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से अनीश को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। वहीं आरोपी नफीस और इकराम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया हैं।
सुपारी लेकर तोड़ी थीं युवक की टांगें
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि चिप्पू गैंग ने जयरामपुर निवासी नितिन की टांगें तोड़ने की सुपारी ली थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए गिरोह को करीब तीन लाख रुपये दिए गए थे। मामले में पहले ही सौरभ और गैंग लीडर सचिन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। पुलिस सौरभ को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि गैंग का सरगना सचिन अभी भी वांछित चल रहा है।
हाल ही में बनाया गया चिप्पू गैंग
एएसपी आशीष चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने बताया कि वे चिप्पू गैंग से जुड़े हुए हैं, जिसका सरगना सचिन है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह हाल ही में गठित किया गया था और क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क, अन्य सदस्यों और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में जुटी हुई है। साथ ही वांछित सरगना सचिन की तलाश भी तेज कर दी गई है।