संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर के मुख्य चौक पर पुलिस के सामने ट्रैफिक लाइट पर गाड़ियों के शीशे साफ लड़कियां पैसे मांग रही थी। उन्हें जिला बाल संरक्षण विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया। तीनों लड़कियां जगाधरी बस स्टैंड स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर चौक पर गाड़ियों के शीशे साफ कर पैसे मांग रही थीं।
टीम ने तीनों लड़कियों को रेस्क्यू कर उन्हें उनके माता-पिता के साथ कार्यालय ले गई। वहां तीनों लड़कियों की काउंसलिंग की गई। फिलहाल तीनों लड़कियों व माता-पिता को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। दोबारा लड़कियां इस तरह मिलती हैं तो माता-पिता पर केस दर्ज किया जाएगा।
इस टीम में जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी आंचल बजाज, सामाजिक कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह, जिला बाल कल्याण समिति से गौरव शर्मा सहित पुलिस कर्मचारी शामिल रहे। यह बच्चे चौराहों पर गाड़ियों के शीशे साफ कर पैसे मांगते हैं। जिला संरक्षण अधिकारी रंजन शर्मा ने बतया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके लिए अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा।
पुलिस के सामने होती है भिक्षावृत्ति
शहर के चौराहों पर भीख या अन्य तरीकों से पैसे मांगने वाले बच्चे देखने को मिलते हैं। तमाम चौराहों पर सुबह से शाम तक चौराहों पर पुलिस तैनात रहती है। जगाधरी चौक का हाल सबसे बुरा है। कई बार बच्चे शीशा साफ करने का सामान जैसे प्लास्टिक का मग, शैंपू युक्त पानी, वाइपर, कपड़ा इत्यादि ही पुलिस बूथ के पास रखते हैं। लाल बत्ती होते ही बच्चे गाड़ियों की ओर दौड़ पड़ते हैं। जिला बाल संरक्षण विभाग के अधिकारी रंजन शर्मा ने बताया कि इसके बारे में यातायात पुलिस अधिकारियों से बात की जा रही है। चौक पर तैनात पुलिस कर्मचारी इस तरह की बाल भिक्षावृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए सहयोग करें।