संवाद न्यूज एजेंसी
साढ़ौरा। पहाड़ीपुर निवासी सतीश कुमार के बेटे अंशुल व उसके बहनोई राजीव के भतीजे चंद्रमोहन को ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर तीन एजेंटों ने उनसे 16 लाख रुपये लेकर हड़प लिए। बाद में आरोपियों ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया की जगह दुबई भेज दिया। साढौरा थाना पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहाड़ीपुर निवासी सतीश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने छोटे बेटे अंशुल को ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहता था। इसी दौरान उसकी गांव में ही एक चिकन शॉप चलाने वाले ने उसे दो एजेंटों के बारे में बताया। उसने एजेंट अंबाला के लालपुर टपरियां निवासी गुरपाल व लालपुर निवासी लाभ सिंह से मुलाकात की। तब आरोपियों ने उसके बेटे को ऑस्ट्रेलिया भेजने का 16 लाख रुपये खर्च बताया।
आरोपियों ने दो लाख रुपये एडवांस मांगे। सात लाख रुपये ऑस्ट्रेलिया का वीजा लगने पर और सात लाख रुपये ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद लेने की बात कहीं। आरोपियों पर विश्वास करके उसने मार्च 2023 में उन्हें अपने बेटे के दस्तावेज व दो लाख रुपये दे दिए। आरोपियों ने उसे तीन माह बाद वीजा लगने की बात कहीं। तीन माह पूरे होने पर भी कोई वीजा नहीं लगा। जिस पर उन्होंने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे।
बाद में आरोपियों ने उन्हें एक वीजा दिया और उसके बेटे की टिकट भेजी। तब आरोपी ने उनसे सात लाख रुपये अपने साथी खारवन निवासी सुनील कुमार के खाते में डलवाए। इसी दौरान उसके बहनोई पंचकूला के गढ़ी कोटाहा निवासी राजीव कुमार को पता चला कि मेरे बेटे अंशुल का वीजा लग गया है। तब वह भी उससे अपनी भांजी और भतीजे का वीजा लगवाने के बारे में पूछने लगा। तब उसने अपने बहनोई की मुलाकात आरोपी गुरपाल से कराई।
तब गुरपाल ने उसके बहनोई राजीव को 22 लाख रुपये में फास्ट ट्रैक में ऑस्ट्रेलिया का वीजा देने की बात कहीं। जिस पर उसका बहनोई राजी हो गया। नौ दिनों बाद आरोपी गुरपाल, लाभ सिंह व सुनील ने उसके बहनोई को उसके भतीजे चंद्रमोहन का वीजा दे दिया। आरोपियों ने उसके बेटे अंशुल और बहनोई राजीव के भतीजे चंद्रमोहन को एक साथ ऑस्ट्रेलिया भेजने की बात कही। आरोपियों ने 28 सितंबर 2023 की दोनों की टिकट करवाई।
आरोपियों ने उनसे सात लाख रुपये और मांगे। सात लाख रुपये देने के बाद आरोपी उसके बेटे व चंद्रमोहन को कोलकाता ले गए। जहां से उन्हें ऑस्ट्रेलिया की बजाय दुबई भेज दिया गया। वहां से ऑस्ट्रेलिया नहीं भेजा। दुबई में उनके डॉलर खत्म होने लगे तो वह वापस दिल्ली आ गए। यहां आकर उन्होंने आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामले में गुरपाल, उसके साथी लाभ सिंह व सुनील पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है