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Yamuna Nagar News: बच्ची के यौन उत्पीड़न में तीन आरोपी काबू

Mon, 10 Mar 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। आठ साल की मासूम बच्ची के यौन शोषण के मामले में पुलिस ने दो नाबालिग समेत तीन आरोपियों को काबू किया है। करीब डेढ़ साल से आरोपी बच्ची का यौन शोषण कर रहे थे। पुलिस ने दो को बाल सुधार गृह और एक आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा है। पीड़ित बच्ची को वापस बालकुंज भेया गया है।

कार्यवाहक महिला थाना प्रभारी मुकेश ने बताया कि बाल कल्याण समिति की सदस्य की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। आरोप था कि आठ साल की मासूम बच्ची के साथ चाचा और बुआ के लड़कों ने गलत काम किया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। शनिवार को सिविल अस्पताल में बच्ची का मेडिकल भी कराया था।
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पुलिस की जांच में सामने आया है कि बच्ची की मां नहीं है और पिता रिक्शा चलाने का काम करते हैं। पिता उसे कभी चाचा तो कभी बुआ के पास छोड़ कर काम पर चले जाते थे। जहां पर चाचा और बुआ के बेटे मौका मिलने पर उसके साथ गलत काम करते थे। पिछले एक-डेढ़ साल से यह सब चल रहा था।
जांच में बुआ के दो और चाचा के एक लड़के का नाम सामने आया। आरोपियों में दो नाबालिग हैं और एक बालिग है। जांच के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। दो आरोपियों को बाल सुधार गृह करनाल भेज दिया है। एक आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। विवेचना के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पहले हालात ने मारा, फिर अपनों ने दिया दर्द
दीपेंद्र कुमार
यमुनानगर। आठ साल की मासूम बच्ची के यौन शोषण के मामले ने मानवता और रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। हालात के मारे पिता-पुत्री को अपनों से हमदर्दी की आस थी। उन्हें क्या पता था कि जहां से हमदर्दी की आस थी, वहां से भी उनके हिस्से में दर्द ही आएगा।
मासूम के पिता रिक्शा चलाते हैं और यमुनानगर में ही किराये के मकान में रहते हैं। कुछ समय पहले उनकी पत्नी चली गई थी। वह खुद बेटी की परवरिश कर रहे थे। लउनके सामने बड़ी समस्या बच्ची क देखभाल की थी। जब वह रिक्शा चलाने जाते थे तो वह घर पर अकेली रह जाती थी।
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इस पर बच्ची की देखभाल के लिए वह कभी उसे चाचा के घर तो कभी बुआ के घर पर छोड़ देते थे। रिश्ते के भाई ही बच्ची का यौन शोषण करते रहे। बाल कल्याण समिति के डाटा एंट्री ऑपरेटर गौरव शर्मा ने बताया कि जब उसके पास बच्ची के पिता आए थे तो उन्होंने अपनी मजबूरी बताई थी। बच्ची क सुरक्षा को देखते हुए समिति ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर उसे बालकुंज भेज दिया था। इस मामले में बाल कल्याण समिति पैरवी कर आरोपियों को सजा दिलाएगी। संवाद
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