माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। जिले में वीरवार देर रात से रुक-रुककर हो रही बारिश से अनाज मंडियों में पड़ा हजारों क्विंटल अनाज भीग गया है। अधिकारी जहां उठान का दावा कर रहे थे, वहीं शुक्रवार को उनके तमाम दावों पर बारिश ने पानी फेर दिया। जगाधरी, रादौर, प्रतापनगर, बिलासपुर, साढौरा, रणजीतपुर, रसूलपुर, सरस्वती नगर अनाज मंडी में गेहूं से भरी हजारों बोरियां भीग गई। वहीं खुले में पड़ा सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया।
अनाज मंडियों में आढ़तियों ने बारिश से बचने के लिए काफी प्रयास जरूर किए, लेकिन उठान नहीं होने के कारण सभी बोरियों को ढक पाना मुश्किल रहा है और इसी कारण एक बार फिर जिले की अनाज मंडियों में सरकारी एजेंसियों की लचर व्यवस्था के कारण लाखों क्विंटल गेहूं भीग गया। वहीं किसानों का गेहूं में भी नमी आ गई है। गेहूं में नमी की मात्रा बढ़ने के बाद जब तक गेहूं नहीं सूखेगा, तब तक गेहूं की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा नहीं की जाएगी। इससे किसानों को भारी नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है।
पानी में पड़ी हैं गेहूं की बोरियां
बिलासपुर। अनाजमंडी में लगभग तीन लाख बोरी गेहूं पड़ा है। आढ़तियों के पास खरीद के बाद 48 घंटे तक गेहूं की देखरेख का समय होता है। अधिकतर आढ़तियों के पास से पिछले लगभग एक सप्ताह से अधिक समय से गेहूं का उठान नहीं हुआ है। आढ़ती मनीष बंसल ने बताया कि उठान न होने पर मंडी के दोनों शेड में गेहूं भरा होने के कारण अधिकतर आढ़तियों के फड़ पर ही खुले में बारिश में गेहूं भीग गया। वहीं रणजीतपुर मंडी में शेड न होने से आढ़तियों का हजारों बोरी गेहूं बारिश की भेंट चढ़ गया है। बिलासपुर आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने कहा कि बारदाना समय से पहुंचाने में लापरवाही की जा रही है। कई दिन तक उठान नहीं किया जाता है। संवाद
गेहूं के एक लाख कट्टे भीगे
रादौर। यहां की अनाज मंडी में शुक्रवार को हुई बारिश गेहूं के करीब एक लाख कट्टे भीग गए। इस समय दो लाख से अधिक कट्टे खुले आसमान के नीचे पड़े हुए हैं। बारिश के दौरान आधी बोरियों को ही तिरपालों से ढका जा सका। किसान रामपाल, संजय, संदीप, सतीश, साहिल आदि ने बताया कि सरकार की घोषणा के अनुसार किसानों को समय पर गेहूं का भुगतान तक नहीं मिल पा रहा है। 72 घंटे में भुगतान के दावे किए गए थे। इस बार के सीजन में सबसे ज्यादा गेहूं के उठान की समस्या रही। उधर बारिश के कारण अनाज मंडी के बाहर सड़क पर खुले में चल रही सब्जी मंडी के आढ़तियों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। मंडी के प्रधान विजय आढ़ती ने बताया कि आढ़तियों की सब्जी बर्बाद हो गई है। सरकार सब्जी मंडी के आढ़तियों के लिए नियमित मंडी की व्यवस्था करे। जिससे सब्जी मंडी के आढ़तियों व किसानों को दिक्कत का सामना न करना पड़े। संवाद
प्रतापनगर में भीगा लाखों का गेहूं
प्रतापनगर। मार्केट कमेटी सहसचिव अवतार सिंह ने बताया कि ठेकेदार की लापरवाही के चलते उठान में देरी हो रही है। इससे खुले में पडा लाखों रुपये का गेहूं भीग गया। उन्होंने बताया कि छछरौली, खिजराबाद व खारवन मंडियों में अब तक कुल 6 लाख 62 हजार क्विंटल की खरीद हुई है। अनाज मंडी छछरौली में 190 हजार क्विंटल का उठान होना है। वहीं प्रतापनगर में कुल 472 हजार क्विंटल खरीद हुई। जिसमें से 230 हजार क्विंटज गेहूं का उठान हो चुका है और 242 हजार क्विंटल का उठान बाकी है। मंडी खारवन में 55 हजार क्विंटल गेहूं खरीद हुई और 45 हजार क्विंटल का उठान हो चुका है। संवाद
किसान बोले - मंडियों में बारिश से गेहूं बचाने की व्यवस्था करे सरकार
छछरौली। किसान रामपाल, सोमनाथ, सुरेश कुमार आदि ने बताया कि मंडी गेहूं की हजारों बोरिया खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं। गेहूं की बोरियां बरसात में अधिकारियों के सामने गीली होती रही। किसानों का कहना है कि सरकार और मंडी प्रशासन मंडियों में उनके अनाज को बारिश में भीगने से बचाने की व्यवस्था करे। बारिश में भीगे गेहूं को सरकारी एजेंसी भी खरीद के लिए तैयार नहीं होगी। दो-चार दिन सूखने के बाद भी मंडी प्रशासन उनके अनाज में नमी की मात्रा ज्यादा बता देंगे। मार्केट कमेटी सचिव अवतार सिंह ने बताया कि ठेकेदार की लापरवाही के चलते उठान देरी से हुआ। इससे खुले में पड़ी गेहूं की बोरिया भीग गईं। संवाद