अवैध निर्माण कर दुकानें और बिल्डिंग बनाए बैठे लोगों पर
शिवरात्रि का दिन भारी पड़ गया। नगर निगम अधिकारियों की लंबे समय से इन
अवैध निर्माण पर नजर थी।
वीरवार को अधिकारियों ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
ऐसी 42 बिल्डिंग पर कार्रवाई हुई जो अवैध तरीके से बनी थी। 42 में से 31 को
निगम अधिकारियों न सील किया तो 11 पर पिला पंजा चलाया। इस दौरान लोगों ने
विरोध भी किया। लेकिन मौके पर पुलिस बल तैनात होने से लोगों की एक न चली।
नगर निगम अधिकारी अवैध निर्माण गिराने के लिए पूरे लावलश्कर के साथ पहुंचे
थे, ताकि किसी भी हालात में कार्रवाई बंद न हो पाए। यह सब कार्रवाई जगाधरी
जोन में हुई है। जो बिल्डिंग सील या फिर ध्वस्त की गई हैं वे गुलाब नगर
पार्क, बुड़िया चौक, बुड़िया रोड, बुड़िया गांव, तेजली, गधौली और सुंदर
विहार की थी। नगर निगम के ईओ केके जैन का कहना है कि कार्रवाई करने से पहले
निर्माण मालिकों को नोटिस भी दिया था।
इसके बाद अब वीरवार को कार्रवाई की
गई है। उनका कहना है कि निगम क्षेत्र में जो भी अवैध निर्माण हो रखे हैं उन
पर कार्रवाई करने का सिलसिला जारी रहेगा। अभी शहर में कुछ अन्य अवैध
निर्माण नोटिस में आए हैं, जिन पर भी कार्रवाई करने की रणनीति बनाई जा रही
है।
इन्हें किया सील
निगम टीम की ओर से अवैध निर्माण पर
कार्रवाई करते हुए एक सर्विस स्टेशन, धर्म कांटा, राजनीति दल का कार्यालय
और अन्य कई मकान, दुकानें और बिल्डिंग सील की, वहीं एक मकान की चहारदीवारी
और कई दुकानों को तोड़ा भी गया।
लंबे समय से किए थे अवैध निर्माण
निगम
अधिकारियों का कहना है कि जिन अवैध निर्माण को गिराया गया है या फिर सील
किया गया है यह काफी पुराना बनाया हुआ था। नगर निगम की ओर से कई दिनों से
ऐसे कब्जाधारियों पर कार्रवाई करने की रणनीति बनाई जा रही थी। इसको वीरवार
को पूरा किया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अवैध तरीके
से निर्माण करने का हक नहीं है। जो भी इस तरह निर्माण कार्य करेगा उसे पर
कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पूरे इंतजाम के साथ दिया अंजाम
पिछले
दिनों निगम के अधिकारी बाड़ीमाजरा रोड पर भी इसी तरह से अवैध निर्माण को
गिराने के लिए गए थे। लेकिन वहां पर हंगामा इतना बढ़ गया था, कि अधिकारियों
और लोगों के बीच झड़प तक हो गई थी। इसमें निगम के ईओ और एक अन्य कर्मचारी
को चोट भी लगी थी, वहीं पुलिस ने कई लोगों पर मामला दर्ज भी किया था। उस
समय के अधूरे इंतजामों से सीख लेते हुए इस बार निगम अधिकारियों ने इंतजाम
पुख्ता रखे। निगम की टीम काफिले की तरह अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए
पहुंची थी। दो जेसीबी, कई ट्रैक्टर ट्रालियां और कई अधिकारियों की गाड़ियां
तो काफिले में थी ही साथ ही पुलिस कई गाड़ियां भी टीम के साथ चल रही थी।
निगम अधिकारी अवैध निर्माण गिराने के लिए सैकड़ों कर्मचारियों की फौज लेकर
पहुंचे थे।
निगम की कार्रवाई गलत
जिन लोगों के निर्माण गिराए गए
हैं। उनका कहना है कि निगम अधिकारियों की यह कार्रवाई गलत है। उन्हें नियम
पूरा करने का समय नहीं दिया गया है। वहीं जो कार्रवाई की गई वह उन्हें बिना
बताए की गई है। हमारे पास नोटिस भी नहीं पहुंचे थे। जिन लोगों के निर्माण
सील हुए हैं उनमें बेचैनी का माहौल हैं।