संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए शुक्रवार को दीनबंधू छोटू राम थर्मल पावर प्लांट यमुनानगर के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार व प्रबंधन के प्रति नाराजगी जताई।
प्रधान धर्मवीर ने कहा कि उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन बार-बार ध्यान दिलाने के बावजूद उनका समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि ऑनलाइन ट्रांसफर नीति को वापस लिया जाए अथवा कर्मचारी हितों के अनुरूप उसमें आवश्यक संशोधन किया जाए। इसके अलावा खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने तथा जोखिम भत्ता (रिस्क अलाउंस) प्रदान करने की भी मांग उठाई गई।
कर्मचारी नेताओं ने इंटर-यूटिलिटी ट्रांसफर से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने, हरियाणा एई डिस्कॉम बनाने की प्रक्रिया को बंद करने तथा बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की भी मांग रखी। इन मुद्दों का सीधा प्रभाव कर्मचारियों के भविष्य और सेवा शर्तों पर पड़ रहा है। प्रधान ने कहा कि संगठन लंबे समय से कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर प्रबंधन और सरकार के समक्ष अपनी बात रखता आ रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में प्रोजेक्ट ऑर्गेनाइजर अनिल कुमार, वरिष्ठ उपप्रधान अजय जून, कैशियर शामलाल, संयुक्त सचिव श्यामबीर, प्रमोद कुमार, चेयरमैन सतबीर टिवाणा, गुरदीप सैनी, मंजीत देवा, राकेश कादियान मौजूद रहे।