यमुनानगर। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी को लेकर डीसी प्रीति ने अपने कार्यालय में जिला स्तरीय सलाहकार समिति (खाद्य सुरक्षा) की बैठक की। डीसी ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। बाजारों, होटलों और खाद्य प्रतिष्ठानों से नियमित रूप से सैंपल लिए जाएंगे और यदि किसी भी स्तर पर सैंपल फेल पाया गया तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में खाद्य सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम करना होगा। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दुकानों, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों से नियमित रूप से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएं। साथ ही शिक्षा विभाग को स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता की निगरानी करने और उसके सैंपल लेने के लिए कहा गया। डीसी ने डीआईसी विभाग को फूड उद्योगों के लाइसेंस और लेबल की जांच करने, कृषि विभाग को किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों के कम उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके अलावा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को भी खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया। संवाद