यमुनानगर। देवउठनी एकादशी पर 12 नवंबर से जारी विवाह के सीजन पर तीन दिन बाद एक माह का विराम लगने वाला है। ज्योतिषाचार्य की मानें तो 15 दिसंबर को खरमास लग रहा है, जो 13 जनवरी तक रहेगा। हिंदू मान्यताओं मुताबिक खरमास में विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं होते। खरमास के अलावा वर्ष 2025 में भी भगवान विष्णु के योगनिद्रा में होने से जुलाई, अगस्त, सितंबर व अक्तूबर में विवाह मुहूर्त नहीं है। 13 जनवरी के बाद खरमास की समाप्ति पर 14 जनवरी से विवाह कार्य शुरू होंगे। जनवरी में दस दिन सहित पूरे साल 76 दिन विवाह मुहूर्त हैं।
पंडित रमन वत्स ने बताया कि जब भगवान सूर्य का धनु या मीन राशि में प्रवेश होता है तो उसे खरमास कहा जाता है। यह सालभर में दो बार लगता है। ऐसे ही 15 दिसंबर को भगवान सूर्य का रात 10:19 बजे धनु राशि में प्रवेश होने जा रहा है और अगले एक माह तक सूर्य इसी राशि में गोचर करने वाले हैं। खरमास में भगवान सूर्य के तेज कम होने और देवगुरु बृहस्पति की शुभता का प्रभाव कम होने से ही विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ व मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। 15 से लग रहे साल के दूसरा खरमास 13 जनवरी तक रहेगा। क्योंकि 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा।