संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल 200 बेड का नया भवन बनने के बाद में बिजली की खपत बढ़ गई है। बिजली का बिल भी पहले से ढाई गुना ज्यादा आने लगा है। इससे जिले में स्वास्थ्य विभाग का बजट भी गड़बड़ा गया है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में बिजली की खपत का आडिट कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बिजली निगम के एक्सईएन को पत्र लिखा है।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल पहले 75 बेड का था। तब अस्पताल का हर माह का बिल औसतन 10 लाख रुपये आता था। इसके बाद सरकार ने पुराने भवन को तोड़ 105 करोड़ रुपये से 200 बेड का नया अस्पताल बनवाया है। इसमें अस्पताल के ए व बी ब्लॉक पांच मंजिला हैं। वहीं तीन मंजिला सिविल सर्जन कार्यालय है।
अस्पताल की छत में फॉल सिलिंग लगी है, जिसमें बहुत ज्यादा लाइट लगी हैं। कमरों की संख्या भी पहले से कई गुना ज्यादा बढ़ गई हैं। अस्पताल का कुल लोड 1500 किलोवाट है। अस्पताल बिजली निगम की हॉट लाइन से जुड़ा है। गोबिंदपुरी पावर हाउस से अस्पताल तक स्पेशल लाइन डाली गई है।
अस्पताल के नए भवन में सेंट्रल एसी भी लगाया गया है। गर्मियों में सेंट्रल एसी से पूरा भवन ठंडा रहता है। वहीं सर्दी में गरमाहट रहती है। सेंट्रल एसी व हीटर को चलाने में काफी बिजली खर्च होती है। ऐसे में बिजली खपत बढ़ना लाजमी है। अभी अस्पताल के सभी फ्लोर ठीक से शुरू भी नहीं हुए। यदि सभी कमरों के ताले खुल जाएं तो बिजली खपत में और ज्यादा बढ़ोतरी हो जाएगी।
कोट
बिजली निगम से अस्पताल के नए भवन में बिजली खपत का आडिट कराया जाएगा। इसके लिए एक्सईएन को पत्र लिख दिया है। ऑडिट से पता चलेगा कि कितनी बिजली की खपत कहां-कहां हो रही है। डॉ. दिव्या मंगला, पीएमओ मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल।