संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बारिश की वजह से सड़कों की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई है। इसलिए डीसी पार्थ गुप्ता ने सड़कों का दोबारा सर्वे कराने के आदेश जारी किए हैं। इसके लिए विभिन्न विभागों के 16 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है, जो आगामी बुधवार तक यह रिपोर्ट देंगे कि सड़कों की किस रूट पर कितने गड्ढे थे और कितने की मरम्मत की गई। जिला सचिवालय में डीसी पार्थ गुप्ता बुधवार को रोड सेफ्टी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
खास बात यह है कि पीडब्ल्यूडी विभाग से किसी को भी इस सर्वे में शामिल नहीं नहीं किया गया है, जबकि सबसे ज्यादा सड़कें पीडब्ल्यूडी की ही हैं। ऐसा करने के पीछे माना जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर सड़कों के गड्ढों की रिपोर्ट गलत देने की आशंका है। यानि ज्यादा गड्ढे होने पर सही की रिपोर्ट दी जा सकती है।
इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सड़कों के गड्ढों की मरम्मत सितंबर माह के आखिर तक व अक्तूबर में त्योहारों से पहले पूरा करने के लिए साफ-साफ शब्दों में बोल दिया गया है। डीसी ने कहा कि जिसे जो टेंडर लगाना है वह लगा ले।
ब्लैक स्पॉट पर हाउसों को कम करने के लिए क्या किया इसकी रिपोर्ट ली जाएगी। इसलिए आगामी 10 दिन बाद फिर से इस पर चर्चा की जाएगी।
सर्वे के लिए जिले को 17 जोन में बांटा गया है। जिला परिवहन अधिकारी हैरतजीत कौर की तरफ से विभिन्न दुर्घटना संभावित जगहों और वहां किए जाने वाले कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
पीडब्ल्यूडी की फिर नहीं मिली एटीआर : पिछली बार की तरह इस बार भी डीटीओ हैरतजीत कौर ने डीसी को बताया कि उन्हें अभी तक पीडब्ल्यूडी से एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) नहीं मिली है। जिस कारण पता ही नहीं है कि पीडब्ल्यूडी ने मौके पर कोई काम किया है या नहीं। जिस पर पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पुनीत मित्तल ने कहा कि वह एटीआर भेज चुके हैं। डीटीओ ने पूछा कब भेजी तो जवाब मिला आज दोपहर 12:30 बजे, जबकि मीटिंग का समय दोपहर 12:15 बजे था। इसे देखते हुए डीसी ने कहा कि किसी ऐसे कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए जिससे एटीआर के बारे में जानकारी ली जा सके।
मोबाइल से फोटो लेकर काटा जाएगा चालान : यातायात नियमों की पालना करने वालों पर पुलिस अब पहले से ज्यादा सख्ती करने जा रही है।
एसपी कमलदीप गोयल ने बैठक में डीसी को बताया कि हर किसी को चौक पर रोकना मुमकिन नहीं है। इसलिए यातायात नियम तोड़ने वालों की मोबाइल से फोटो खींची जा रही है। फिर वाहन पंजीकरण के समय जो मोबाइल नंबर दिया गया था उस पर चालान भेजा जा रहा है। इसका काफी अच्छा असर देखने को मिला है।
बाइक पर ट्रिपल सवारी, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट आदि के चालान काटने में काफी बढ़ोतरी हुई है। फोटो खींचने से सबूत भी रहता है। वहीं, डीसी ने वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने वालों के कम चालान होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर बात करने वालों के ज्यादा चालान काटे जाएं।