प्रतापनगर। कन्या गुरुकुल महाविद्यालय देवधर के संस्थापक प्रोफेसर ओम प्रकाश गांधी को पद्मश्री अवार्ड के लिए चयनित किए जाने के बाद उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा है। उनको यह अवार्ड महिला शिक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित करने के लिए दिया जाएगा। उन्होंने गांव में गुरुकुल की स्थापना की थी। उनके अथक प्रयास से ही आज कन्या गुरुकुल महाविद्यालय का निर्माण संपूर्ण हुआ। वीरवार को शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर भी उनके आवास पर बधाई देने के लिए पहुंचे।
ओम प्रकाश गांधी का जन्म रादौर खंड के गांव माधोबास में एक फरवरी 1942 को हुआ था। 10वीं की परीक्षा मुकंद लाल सेकेंडरी स्कूल रादौर से की और बीएससी आगरा विश्वविद्यालय से पास की। उन्होंने एमएससी फिजिक्स मेरठ विश्वविद्यालय से की। किसान परिवार में जन्मे गांधी की नियुक्ति उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के रामपुर मनिहारान कृषि कॉलेज में लेक्चरर के पद पर हुई। ब्रह्मचारी का जीवन जीने वाले गांधी ने 20 सालों की सर्विस के बाद स्वेच्छा से त्याग पत्र देकर समाज सेवा का संकल्प लिया। उन्होंने 1984 में कन्या विद्या प्रचारिणी सभा खदरी का गठन किया। 1985 में गांव देवधर की 12 एकड़ भूमि पर कन्या गुरुकुल की स्थापना की। जो अब डिग्री कॉलेज का रूप ले चुका है। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में ध्वजारोहण करने पहुंचे हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता गोबिंदपुरा संजय विहार कालोनी में ओम प्रकाश गांधी के भाई एडवोकेट मनी राम पोसवाल के निवास पर पहुंचे। ओम प्रकाश गांधी को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुने जाने पर उनको शुभकामनाएं दी। स्पीकर ने कहा कि ओम प्रकाश गांधी ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा और विशेषकर नारी शिक्षा को बढ़ावा देने में लगा दिया।
शिक्षा मंत्री ने शॉल भेंट कर दी बधाई
शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने ओम प्रकाश गांधी शाल भेंट कर बधाई दी। कंवरपाल ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित ओम प्रकाश गांधी का चयन होने से पूरे जगाधरी विधानसभा क्षेत्र, जिले और प्रदेश का नाम पूरे भारत देश में रोशन हुआ है। जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार केंद्र में आई है तब से पद्मश्री व अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कारों का चयन बहुत ईमानदारी से कर रही है। इस मौके पर भाजपा नेता निश्चल चौधरी, युवा नेता शक्ति जैलदार मेहर माजरा, एडवोकेट मनीराम पोसवाल, प्रबंधक पवन बटार, उमेश पोसवाल, राजेश पोसवाल, राकेश पोसवाल भी मौजूद रहे।