संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। डीसी पार्थ गुप्ता ने छछरौली में सिंचाई विभाग को ओर से कराए जा रहे बाढ़ राहत बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। लेदा खादर में सिंचाई विभाग द्वारा पथराला नदी पर बनवाई जा रही पटरी को देखने पहुंचे तो इसकी सूचना पर लेदा खादर व कोटड़ा कान सिंह के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। दोनों गांवों के ग्रामीण डीसी के सामने ही एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे।
दोनों गांवों के ग्रामीणों से डीसी ने चल रहे कार्य के बारे में पूछा तो कोटड़ा कान सिंह के ग्रामीणों ने उन्हें दो टूक कहा कि इस पटरी निर्माण का कोटडा कान सिंह के ग्रामीणों को फायदे के बजाय नुकसान होने वाला है। पटरी निर्माण गलत किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि इस पटरी निर्माण से लेदा खादर गांव का बचाव तो हो जाएगा पर पथराला नदी का पानी कोटडा कान सिंह गांव में जरूर तबाही मचाएगा।
कोटडा कान सिंह के ग्रामीणों का कहना था कि गांव के सामने जो पटरी बांधी जा रही है। इस पटरी की वजह से नदी का पानी कोटडा कान सिंह गांव में तबाही मचाएगा। जिस जगह पटरी बांधी जा रही है उस तरफ पटरी बांधने की कोई जरूरत भी नहीं थी। फिर भी गलत तरीके से कार्य मंजूर कराकर दूसरी तरफ पटरी लगवाई जा रही है।
कोटडा कान सिंह गांव की तरफ ऊंची पटरी बांधनी चाहिए थी ताकि पानी गांव में न घुसे। उधर लेदा खादर गांव के ग्रामीणों का कहना था कि लेदा खादर गांव में पानी पहले भी कई बार तबाही मचा चुका है और यहां पर पटरी बांधना बहुत जरूरी था। इसलिए पटरी निर्माण सही हो रहा है। ग्रामीणों का हर साल गांव में घुसने वाले पानी से बचाव होगा।
कोटडा कान सिंह के ग्रामीणों ने कहा कि नदी पर एक तरफ पटरी बांधना गलत है। जिससे दूसरी साइड में बसने वाले गांव में नुकसान होने की संभावना है। प्रशासन को चाहिए अगर एक तरफ पटरी बांधी गई है तो दूसरी तरफ भी पटरी बांधकर पानी को नदी से बाहर न जाने दिया जाए। कोटडा कान सिंह के ग्रामीणों ने मांग रखी कि गांव की तरफ भी पटरी का निर्माण कराया जाए। इस पर डीसी ने आश्वासन दिया कि गांव में बरसात का पानी न घुसे इसके पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे।