संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। 105 करोड़ रुपये से बने जिला नागरिक अस्पताल की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। अस्पताल में करोड़ों रुपये का सामान खुले में पड़ा है, लेकिन उसकी सुरक्षा करने वाला कोई भी नहीं है। इतने बड़े अस्पताल में एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं है। सुरक्षा न होने से ही अस्पताल में आए दिन चोरियां होती रहती हैं।
वहीं उप जिला अस्पताल जगाधरी में जगह-जगह सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, लेकिन जो अस्पताल जिले का सबसे बड़ा है उसमें ऐसा कुछ भी नहीं है। जिस अस्पताल में डॉक्टरों व स्टाफ की हाजिरी लगाने वाली बायोमीट्रिक मशीन और कई टन वजनी साइलेंट जनरेटर को भी चोरों ने न छोड़ा है।
रोजमर्रा के अलावा छुट्टी के दिन भी जिला नागरिक अस्पताल खुला ही रहता है। छुट्टी के दिन तो कई कमरों पर ताला भी नहीं होता। जिनमें मेडिकल उपकरणों के अलावा मरीजों के लिए काफी सामान रखा हुआ है। इसके अलावा अस्पताल पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो रहे हैं। इस राशि से अस्पताल का नवीनीकरण किया जा रहा है।
काम का ठेका लेने वाले ठेकेदार का भी काफी सामान अब से पहले अस्पताल से चोरी हो चुका है। यदि सुरक्षाकर्मी हो तो कोई भी यहां से सामान चुराने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की बाइक चोरी होना तो आम बात हो गई है। जब से अस्पताल का उद्घाटन हुआ है तब से दर्जनभर बाइक यहां से चोरी हो चुकी हैं। करीब दो माह पहले ही सिविल सर्जन कार्यालय की छत पर रखी पानी की आठ टंकियां चोरी होने की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। टंकियों कीमत 30 हजार रुपये थी। इससे पहले फरवरी माह में ट्रामा सेंटर के भवन से लोहे के दरवाजे, लोहे की खिड़कियों के पल्ले व अन्य सामान चोरी हुआ।
नवंबर 2024 में अस्पताल के ब्लॉक ए के बेसमेंट में रखे 10 ऑक्सीजन सिलिंडर चोरी हुए। इसके कुछ दिन पहले ही अस्पताल की चौथी मंजिल पर लगे पांच व छह फीट के दरवाजे, खिड़कियों पर लगे लोहे की जाली वाले 10 पल्ले चोरी हुए। इससे पहले चोरों ने पीएमओ कार्यालय में हाजिरी लगाने के लिए लगी बायोमीट्रिक मशीन को चोरी किया।
जिला अस्पताल के निर्माण के वक्त ट्रामा सेंटर में रखा साइलेंस जनरेटर चोरी हुआ। यह जनरेटर इतना बड़ा था कि इसे 20 व्यक्ति भी अपने हाथों से हिला नहीं सकते थे। जिसे उठाने के लिए भी क्रेन की जरूरत पड़ती है। इसके बावजूद जनरेटर अस्पताल से कैसे चोरी हो गया यह हैरान कर देने वाला है।
अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था का विषय भी जानकारी में आया है। अस्पताल में सुरक्षाकर्मी होने बहुत जरूरी हैं। इसके लिए जल्द ही व्यवस्था कर दी जाएगी। - डॉ. जितेंद्र सिंह, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।