फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना नगर: सदन का नहीं जोर...अब भी जारी स्वीपिंग मशीन का शोर

विज्ञापन
विज्ञापन
साढ़े तीन साल पहले यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) से आई स्वीपिंग मशीन पर नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी सदन का जोर नहीं चला। नगर निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बताकर मशीन वापस भेजने के प्रस्ताव पर डेढ़ साल पहले सदन ने स्वीकृति दे दी थी, पर अब भी मशीन का शोर जारी है। दूसरी ओर वार्ड पार्षद मशीन के काम से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी मानें तो मशीन पर हर माह करीब साढ़े चार लाख रुपये बर्बाद हो रहे हैं, क्योंकि मशीन के जिम्मे जो सड़कें हैं, उन पर फेरे लगाने के बाद भी धूल व कचरा रहता है।
विज्ञापन

वर्ष-2019 में माउंटेड वैक्यूम नाम से दो स्वीपिंग मशीनें यूएलबी से नगर निगम स्टोर में आईं थी। इसमें एक मशीन से 18 मई 2019 को शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रायल हुआ, जबकि एक मशीन गैर जरूरी देख वापस भेज दी गई। शेष एक मशीन को मुख्य मार्ग पर सफाई के लिए लगाया गया। पहले नगर निगम फिर नाइट स्वीपिंग का टेंडर लेने वाली एजेंसियों ने मशीन इस्तेमाल की। फिर नाइट स्वीपिंग का टेंडर खत्म होने पर दोबारा मशीन को नगर निगम स्तर पर चलाया जा रहा है, लेकिन मशीन के काम से वार्डों के पार्षद व शहरवासी संतुष्ट नहीं दिखे। यही कारण है कि वर्ष-2021 में मशीन को अतिरिक्त वित्तीय बोझ बताकर निदेशालय वापस भेजने के प्रस्ताव पर पार्षदों ने स्वीकृति दी। इसके बाद 30 जून 2021 की बैठक में सदन ने भी प्रस्ताव पर स्वीकृति दे दी, लेकिन डेढ़ वर्ष बाद भी मशीन वापस नहीं भेजी गई और अब भी सड़कों पर सफाई में लगी है।

वार्ड-7 से रामआसरा भारद्वाज, वार्ड-8 से विनोद मरवाह ने कहा कि यह स्वीपिंग मशीन सफेद हाथी साबित हो रही है। क्योंकि मशीन के जिम्मे शहर के मुख्य मार्गों की सफाई ही है, वह भी साफ नहीं नजर आते। मशीन डिवाइडर से लगते किनारे ही साफ करती दिखती है जबकि सड़क के अन्य हिस्से में कभी सफाई करती नहीं नजर आई। मशीन पर जनता के टैक्स से जुटाए सरकारी खजाने से हर माह करीब साढ़े चार लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। इतने खर्च पर भी बेहतर परिणाम न मिलना चिंताजनक है, इसलिए इसे निदेशालय वापस भेजने की मांग है, जिसका प्रस्ताव डेढ़ साल पहले सदन में भी पास हो चुका है।
विज्ञापन


नाइट स्वीपिंग का टेंडर खत्म होने पर नगर निगम स्तर पर स्वीपिंग मशीन को मुख्य मार्गों की सफाई के लिए चलाया जा रहा है। अगर कहीं कमी मिलती है तो दिशा निर्देश देते हैं। -गोविंद शर्मा, एसआई, नगर निगम।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें